खूबसूरत निखरी त्वचा पाने के लिए महिलाएं क्या कुछ नहीं करती हैं। महंगे पार्लर से लेकर क्रीम तक ट्राई करने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। ऐसे में अगर आपको 5 ऐसे उपायों के बारे में पता चले जिन्हें रोजाना करने से आपको पार्लर जैसा निखार और रिंकल फ्री स्किन घर बैठे ही मिल जाए तो ? जी हां और ये उपाय हैं ये 5 योगासन जो चेहरे की मसल्‍स को टोन करके आपके चेहरे को प्राकृतिक चमक देने में आपकी मदद करेंगे। आइए जानते हैं इनके बारे में।   

हस्त उत्तानासन-
हस्त उत्तानासन करने के लिए सबसे पहले अपनी चटाई पर सीधे खड़े होकर सांस छोड़ें। अब एक श्वास के साथ धीरे-धीरे अपने हाथों को उठाएं और पीछे की ओर झुकना शुरू करें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें।अब सांस छोड़ते हुए इस आसन से बाहर आएं। ध्यान रखें हाई ब्‍लड प्रेशर के रोगियों को इस आसन को करने से बचना चाहिए।

पदानुष्ठान आसन-
पदानुष्ठान आसन करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े होकर श्वास लें। अब अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाकर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए नीचे की ओर झुकें और अपने पैरों के अंगूठे को पकड़ने की कोशिश करें। कुछ देर इसी मुद्रा में रुकें और श्वास लेते हुए धीरे-धीरे ऊपर आएं। अगर शरीर ज्यादा न झुक पा रहा हो तो उस सीमा तक जाएं, जिसमें आप सहज महसूस  करते रहे हो। अब धीरे-धीरे खुद को फर्श को छूने की मुद्रा में लाते हुए अपनी पैर की अंगुली पकड़ें।

शलभासन-
शलभासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेटकर अपने पैरों और हाथों को फैलाएं। अब श्वास लेते हुए अपने हाथों और पैरों को उठाएं। इस बात को सुनिश्चित करें कि आप अपने घुटनों और कोहनी को मोड़ नहीं। कुछ समय के लिए इसी मुद्रा में रहें। ऐसा करते समय आप अपने चेहरे पर खून का प्रेशर अनुभव करेंगे। इस योगासन की मदद से दिमाग और चेहरे की तरफ खून का संचार अच्छा होता है।

अधोमुखश्वानासन-
अधोमुखश्वानासन करने के लिए सबसे पहले नीचे की ओर स्वान की तरह झुके। इसे करने के लिए वज्रासन की तरह चटाई पर बैठें। अपने हाथों को इस तरह सामने रखें कि आपकी पीठ फर्श के समानांतर हो।अब अपने पेल्विक एरिया को ऐसे छोड़ें और उठाएं कि आप एक पहाड़ी का आकार बना सकें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहे जब तक आप अपने चेहरे पर खून का प्रेशर महसूस नहीं करते हैं। इस मुद्रा से बाहर आने के लिए अपने घुटनों को मोड़कर वज्रासन में आकर सांस लें और सांस छोड़ें।

धनुरासन-
धनुरासन करने के लिए सबसे पहले अपने पेट के बल लेटकर अपने पैरों को ऐसे मोड़ें कि आप अपनी एड़ियों को पकड़ सकें। अब पेट पर आने वाले दबाव के साथ अपने शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से को अंदर की ओर उठाएं। ऐसा करते समय अपनी सांस को रोकते हुए कुछ देर इसी मुद्रा में रहें। सांस छोड़ें और इस मुद्रा को जारी रखें।