अतीत को पढ़ो, वर्तमान को गढ़ो और आगे बढ़ो : पवैया

उच्च शिक्षा मंत्री  जयभान सिंह पवैया ने किया  उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में 100 सीटर बालक छात्रावास का लोकार्पण 
भोपाल । उच्च शिक्षा मंत्री  जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि सभ्यता जमाने के साथ बदलती हैं, संस्कृति नहीं। गुरुकुल की परम्परा हिन्दुस्तान में पहले से है। आज उनका स्थान छात्रावासों ने ले लिया है। छात्रावासों के अनुशासनात्मक जीवन से आनन्द की अनुभूति होती है। श्री पवैया आज उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में 100 सीटर बालक छात्रावास का लोकार्पण कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने अकादमिक भवन में 56 कम्प्यूटर से लेस सेन्ट्रल लैब का उदघाटन भी किया।
मंत्री श्री पवैया ने कहा कि छात्रावासों में रहकर रोजमर्रा के कार्य निश्चित मापदंड पर करने से जीवन संतुलित होता है। साथ ही, सामाजिक सरोकार से जुड़ने का मौका भी मिलता है। आज के समय आदमी एकाकी जीवन जीता है और छात्रावास साथ जीने की कला सिखाते हैं।
श्री पवैया ने कहा कि विद्यार्थी सोशल साइट का ध्यान रखें, वे लोगों को अनसोशल बना रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा साक्षर बनाती है, वहीं विद्या मनुष्य को ज्ञान, संस्कार और कौशल प्रदान करती है। विद्या से मानव सम्पूर्ण मनुष्य बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आव्हान किया कि अतीत को पढ़ों, वर्तमान को गढ़ों और आगे बढ़ों। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शीर्ष पर आने की भूख होना चाहिये। उनके मन में यह विचार आवश्यक है कि जो भी करुँगा, उसमें शीर्ष पर आऊँगा और एक नया अध्याय रचूँगा। श्री पवैया ने कहा कि विद्यार्थियों से संस्थान की गुणवत्ता, उत्कृष्टता और विश्वसनीयता परिलक्षित होती है। उन्होंने प्रोफेसरों से भी कहा कि निर्धारित समय में ही कर्त्तव्य-पालन कर बेहतर परिणाम दें। सरकार साधन दे सकती है, निष्ठा नहीं।
श्री पवैया ने कहा कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किये हैं। उन्होंने कहा कि तीन हजार सह-प्रध्यापक की भर्ती की जा रही है। पाठ्यक्रमों में सेमस्टर पद्धति खत्म की गई है। दीक्षांत समारोह में भारतीय वेषभूषा का समावेश किया गया है। महाविद्यालयों में राष्ट्रध्वज फहराना और स्वामी विवेकानन्द सहित अन्य महापुरूषों के चित्र लगाना अनिवार्य किया गया हैं।
विधायक  रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संस्थान ने अच्छे विद्यार्थी तैयार किये है, जो विभिन्न क्षेत्र में जाकर कॉलेज को उत्कृष्टता की श्रेणी दिलाते हैं। उन्होंने संस्थान के कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाने पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि माँ-बाप के सपने जरूर पूरा करें। संस्थान संचालक  एम.एल. नाथ ने स्वागत किया। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  बी.आर. नायडू भी मौजूद थे।

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