ग्वालियर / भोपाल /20 मार्च 2026/साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के असर से मध्य प्रदेश का मौसम अचानक बदल गया। बीते 24 घंटे में 42 जिलों के 112 शहरों- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुरमें बारिश दर्ज हुई। धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 13 जिलों में ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।शिवपुरी सहित आसपास कई इलाकों में ओलावृष्ठी होने से परेशानी बढ़ गई है।
आगर-मालवा में 74 किमी/घंटा की तेज हवाओं ने हालात और बिगाड़े। मौसम ठंडा हुआ है, लेकिन नुकसान बड़ा है। मौसम विभाग ने आगे भी ऐसे हालात बने रहने के संकेत दिए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के 42 जिलों के 112 शहरों और कस्बों में बारिश हुई। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, जबलपुर समेत कई बड़े शहर शामिल हैं। सबसे ज्यादा बारिश धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में करीब पौन इंच दर्ज की गई। वहीं बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, भोपाल और दमोह समेत कई जगहों पर आधा इंच या उससे ज्यादा पानी गिरा।
इधर, 19 जिलों में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंदसौर, शिवपुरी, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी और छतरपुर में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं रायसेन नेशनल हाइवे पर बर्फ की चादर बिछ गई।
तेज आंधी ने भी कई इलाकों में असर दिखाया। आगर-मालवा में सबसे तेज 74 कुछ दिलचस्प मिला क्या?
किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली, जबकि सीहोर में 54 किमी, बड़वानी और नरसिंहपुर में 46 किमी, आलीराजपुर में 43 किमी की रफ्तार दर्ज की गई। भोपाल, सागर, इंदौर और जबलपुर समेत कई शहरों में 35 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
मौसम में आए इस बदलाव से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है।