इस साल दीवाली पर लाइटों की झालर, गिफ्ट आइटम, दिए और अन्य सामानों की बिक्री पिछले साल की तुलना में 40 से 45 प्रतिशत तक कम होने का अनुमान है। इसकी वजह भारतीयों द्वारा मिट्टी के दिए जैसे घरेलू उत्पादों को तरजीह देना है। पिछले साल दीवाली पर चीनी उत्पादों की बिक्री में 30% की कमी आई थी। एसोचैम-सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा संयुक्त तौर पर अहमदाबाद, बेंगलुरु, भोपाल, चेन्नई, देहरादून, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ और मुंबई जैसे शहरों में कराए गए एक सर्वेक्षण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है। इस सर्वेक्षण में देशभर में चीनी उत्पादों की अनुमानित मांग का आकलन किया गया है। एसोचैम ने कहा कि ऐसा लगता है कि इस दीवाली पर चीनी उत्पादों के उपभोग में पिछले साल के मुकाबले 40-45% की कमी आएगी। चीनी उत्पादों में बहुत तरह की फैंसी लाइट, लैंपशेड, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, रंगोली और पटाखे शामिल हैं। सर्वेक्षण के अनुसार इस साल लोग चीनी सामान के मुकाबले भारतीय उत्पादों को ज्यादा वरीयता दे रहे हैं।