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मध्यप्रदेश : बीच चुनाव में भाजपा के लिए सरदर्द बना मीडिया कुप्रबंधन प्रदेश मीडिया प्रभारी पर गिर सकती है गाज

नए प्रदेश मीडिया प्रमुख के लिए भोपाल के अनिल सौमित्र व इंदौर के सर्वेश तिवारी के नाम चर्चा में

 

सभी राजनीतिक दलों में मीडिया मैनेजमेंट के मामले में भारतीय जनता पार्टी का जवाब नहीं है। पूरे देश की तरह मध्यप्रदेश में भी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय  से लेकर नीचे सम्भागीय व जिला केंद्रों तक मीडिया संचालन के लिए पार्टी नेताओं और पेड वर्करों की सर्वसुविधायुक्त फ़ौज तैनात है। लेकिन वर्तमान में चुनावों के समय मीडिया मैनेजमेंट और उससे जुड़े तमाम कार्यों को लेकर पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, खासकर मीडिया कुप्रबंधन को लेकर मध्यप्रदेश के बड़े नेताओं के असंतुष्ट होने की खबरें लगातार सरगर्म बनी हुई हैं।

हालांकि इसपर खुलकर कोई भी बोलने को तैयार नहीं है लेकिन सूत्रों का कहना है कि मीडिया मैनेजमेंट को लेकर असंतोष इस हद तक जा पहुंचा है कि प्रदेश स्तर पर मीडिया देख रहे नेता के खिलाफ पार्टी का ही एक धड़ा इतना ज्यादा लामबंद हो गया है कि उनकी जगह नई नियुक्ति  की चर्चाएं लगातार सरगर्म है। 

मध्यप्रदेश के पार्टी मुख्यालय दीनदयाल परिसर भोपाल में मीडिया मैनेजमेंट करने के लिए एक प्रदेश मीडिया प्रभारी सहित तमाम पेड वर्कर तैनात हैं। इसके लिए बाकायदा कम्प्यूटर कक्ष बनाया गया है और प्रेसवार्ता व मीडिया से सम्बंधित पार्टी के बड़े कार्यक्रमों का संचालन करने की जिम्मेदारी मीडिया प्रमुख सम्भालते हैं। सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से मीडिया सेंटर के लिए निर्धारित पार्टी  के कामों में लगातार कमियों को लेकर शिकायतें बड़े नेताओं तक पहुंचती रही हैं। सूत्र बताते हैं कि ऐसे समय जब पूरे देश के मीडिया की नजरें भोपाल पर गड़ी हैं पार्टी का मीडिया मैनेजमेंट बुरी तरह से गड़बड़ाया हुआ है। 

सूत्रों का कहना है कि पार्टी से जुड़े तमाम स्थानीय नेताओं ने इसको लेकर कई बार पार्टी नेतृत्व से शिकायतें  की उनकी मुख्य समस्या यह है कि पार्टी ने जिनके कंधे पर मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी डाली है वही नेता आए दिन पार्टी मुख्यालय से गायब रहते हैं,जिस कारण मीडिया से जुड़े कार्यक्रमों में अव्यस्थाएँ व्याप्त होती हैं। इतना ही इनके हाईप्रोफाइल कार्य व्यवहार व सभी पत्रकारों के साथ समान व्यवहार न रखने की बात से भी मीडिया के एक वर्ग में लगातार असंतोष की बात भी बताई गई।

यही वजह है कि पिछले दिनों पार्टी के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे की सहमति से भोपाल मीडिया प्रबंधन की कमान पूर्व प्रदेश मीडिया प्रमुख रहे डॉ हितेश वाजपेयी को देदी गई थी। ऐसा माना जा रहा था कि इसके बाद प्रदेश मीडिया प्रमुख अपनी कारगुजारियों में सुधार लाएंगे  लेकिन जैसा की सूत्र बताते हैं की समस्या और बढ़ती ही चली गई।

हालात यहां तक जा पहुंचे की चुनाव से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमो जिनमें की पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जैसे बड़े नेता मौजूद थे उनके संचालन व मीडिया प्रबन्धन तक की अवहेलना की जाने लगी,पार्टी द्वारा  आरोप पत्र जारी  करने जैसा कार्यक्रम भी इसका शिकार बन गया।

सूत्र बताते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह इस तरह के मीडिया कुप्रबन्धन को लेकर खासे नाराज हुए ।बीच लोकसभा चुनाव में मीडिया प्रबंधन के कारण उपजे तनाव और इसको लेकर शिवराजसिंह व अन्य नेताओं की परेशानी और नाराजी की बात भोपाल पर पैनी नजर गड़ाए बैठे पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल तक भी जा  पहुंची।

सूत्र बताते हैं कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश मीडिया प्रमुख की इस नाकामी को गम्भीरता से लिया है। पार्टी के भीतर से जो खबरें सामने आ रही है उसके मुताबिक़ प्रदेश नेतृत्व ने मीडिया प्रबंधन की अव्यस्थाओं को सुधारने के लिए इस पद पर नई नियुक्ति करने का मन बना लिया है। सूत्रों के मुताबिक इसमें फिलहाल भोपाल के अनिल सौमित्र तथा इंदौर के सर्वेश तिवारी के नाम आगे चल रहे हैं। श्री सौमित्र मूलतः बिहार के रहने वाले हैं और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा के बेहद नजदीकी बताये जाते हैं। इस दृष्टि से उनके इस पद पर नियुक्ति की सम्भावना प्रबल है।

 

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