पीएम मोदी ने कहा कि इस पूरी सड़क को चौड़ा कर दिया जाएगा. पुरोहितों की सुविधा का ध्यान रखा जाएगा. यहां पोस्ट ऑफिस, बैंक आदि का प्रबंध रहेगा. आज यहां पर 5 परियोजनाओं का आरंभ हो रहा है. इस पूरे मार्ग का चौड़ीकरण होगा. जैसे ही यात्री चलना शुरू करेगा. जिस प्रहर में वह आया होगा उसी पहर का संगीत उसे सुनायी देगा. उन्होंने कहा कि मंदाकिनी के घाट का भी निर्माण कार्य किया जाएगा. लोग वहां बैठ सकें और नदी के स्वर को सुन पाएं.
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपदा के दौरान अपने आपको रोक नहीं पाया था और यहां चला आया था और उस समय की सरकार से प्रार्थना की थी कि गुजरात सरकार को केदारनाथ के पुनर्निर्माण का कार्य दे दीजिए. कमरे में सभी सहमत हो गये लेकिन बाद में दिल्ली में बैठी सकार ने दबाव बनाया और मुझे यह सौभाग्य नहीं मिला लेकिन बाबा ने तय किया था कि यह काम मुझे ही करना है.
उन्होंने कहा कि सभी विधि विधानों का पालन करते हुए केदार का पुनर्निर्माण कैसे होगा इसका खाका तैयार किया गया. पुरोहितों के मकान थ्री इन वन होंगे. यहां जो पुनर्निर्माण किया जाएगा उसमें आधुनिकता होगी लेकिन आत्मा वही होगी. पीएम मोदी ने कहा कि हिमालय में भी अलग-अलग जाने पर अलग अनुभूति होती है. मैं हिमालय में बहुत घूमा हूं.
पीएम मोदी ने कहा कि मैं राज्य की सरकार को न्योता देता हूं कि उत्तराखंड में जन जागृति लाकर जैविक खेती को प्रोत्साहित करें. हिमालय की ताकत को आगे बढ़ाना है. यहां के लोगों को आयुर्वेद की जो जानकारी है उसका उपयोग पूरी दुनिया के लिए क्या जा सकता है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों की रगों में अनुशासन है , जहां फौजी इतनी संख्या में हों वहां का अनुशासन काबिले तारीफ है. यह यात्रियों के लिए भी उपयोगी है. रिटायर्ड फौजियों के लिए योजना शुरू करनी चाहिए. लोग कहते हैं कि पहाड़ का पानी और जवानी कभी काम नहीं आता लेकिन हमने इसे यहां के लिए उपयोगी बनाने का बीड़ा उठाया है.
पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड देश का सबसे चहेता गंतव्य बने. प्रकृति की गोद में रहने की इच्छा वालों के लिए उत्तराखंड हो. मैं आप सब को निमंत्रण देता हूं. दिवाली के बाद विकास का नया बही खाता शुरू होना चाहिए. हमने लकड़ी के चूल्हे से मुक्त करने का बीड़ी उठाया. अब हम चाहते हैं कि सभी के घरों में बिजली के लट्टू होने चाहिए. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हजारों परिवरों के यहां बिजली पहुंचानी है. भारत सरकार के इस अभियान को आप उठा लीजिए. मुझे उत्तराखंड को बधाई देनी है कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय का काम पूरा हो गया है. जल्द ही उत्तराखंड खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा.
आपको बता दें कि इससे पहले वे 3 मई को केदारनाथ मंदिर गये थे. 3 मई को कपाट खुलने के बाद पीएम मोदी सबसे पहले दर्शन करने केदारनाथ पहुंचे थे. यहां उन्होंने गर्भगृह में रुद्राभिषेक भी किया था.