महाराष्ट्र में सियासी रस्साकस्सी के बीच भाजपा ने बाजी मारते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 29 विधायकों ने साथ मिलकर सरकार बना ली है। देवेंद्र फडणवीस ने आज सुबह राजभवन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में दोबारा शपथ ली। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एनसीपी के अजित पवार को भी उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने का सपना टूट गया। राज्यपाल ने फडणवीस सरकार को 30 नवंबर तक बहुमत साबित करने का समय दिया है।
जिसने यह खबर सुनी, उसे शुरुआत में यकीन नहीं हुआ और फिर हैरान होने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. लेकिन सबसे बड़ा झटका शिवसेना को लगा. शिवसेना मुख्यमंत्री पद के ख्वाब देखकर राजनीति में अपना कद बढ़ाने पर विचार कर रही थी. लिहाजा पार्टी ने बीजेपी से अलग होने का फैसला किया और अपने हिंदुत्व के एजेंडे को भी दरकिनार कर एनसीपी और कांग्रेस से हाथ मिलाने पर विचार किया. लेकिन अचानक बाजी पलट गई और शिवसेना खाली हाथ रह गई. ऐसे में न तो शिवसेना को मुख्यमंत्री पद मिला, न 50-50 फॉर्मूला काम आया और बीजेपी से अलग होकर वह जीरो पर आउट होकर पवेलियन लौट गई.