पूर्वी एशिया सहित पूरी दुनिया में अपनी आर्थिक उन्नति व तकनीकी साधनों की पींगें हांककर अपनी चौधराहट दिखाने वाला चीन कोरोना वायरस से निपटने में नाकाम नजर आ रहा है। स्थिति इतनी भयावह है की यहां वायरस से सुरक्षा में उपयोग आने वाले मास्क तक चीनी सरकार उपलब्ध नही करा पा रही है और इसकी कमी के कारण अफरा तफरी का माहौल है। ऐसे में चीन की सरकार ने सोमवार को कहा कि उसे तत्काल प्रभाव से कोरोना से लड़ने के लिए बड़े पैमाने पर मेडिकल उपकरणों की जरूरत है.।
चीन में कोरोना से अबतक 361 लोगों की मौत हो चुकी है. यह संख्या 2003-2004 में बीजिंग में सार्स (SARS) वायरस से हुई मौतों की संख्या से ज्यादा हो चुकी है. साथ ही चीन में कोरोना के कन्फर्म केस की संख्या 17,205 तक पहुंच गई है. इनमें 2,103 नए केस शामिल हैं. ऐसे में चीन की सरकार ने सोमवार को कहा कि उसे तत्काल प्रभाव से कोरोना से लड़ने के लिए बड़े पैमाने पर मेडिकल उपकरणों की जरूरत है.
दिनोंदिन चीन में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है. 1.4 अरब की आबदी वाले चीन में कोरोना से लड़ने के लिए मेडिकल उपकरणों की कमी हो गई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनइंग ने कहा, ‘चीन में मेडिकल उपकरण की कमी हो गई है. चीन को तत्काल प्रभाव से मेडिकल मास्क, मेडिकल गाउन और सुरक्षा गोगल्स की जरूरत है.’
वहां के उद्योग मंत्रालय के मुताबिक चीन में सामान्य परिस्थितयों में रोज 20 मिलियन मास्क का उत्पादन होता था, लेकिन कोरोना के कहर के कारण फैक्ट्रियां आजकल 60 से 70 फीसदी ही उत्पादन कर पा रही हैं. हालांकि चीन को साउथ कोरिया, जापान, कजाकिस्तान और हंगरी ने मास्क भेजे हैं.
यूरोप जापान और अमेरिका से मंगवाए जा रहे मास्क
चीन के उद्योग मंत्री यूलांग ने सोमवार को बताया कि मास्क की कमी को दूर करने के लिए यूरोप, जापान और अमेरिका से मास्क मंगवाकर इसकी कमी को दूर करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि कंपनियां जल्द ही पूरा उत्पादन शुरू कर देंगी और इस कमी को दूर कर लिया जाएगा.