वॉशिंगटन. चीन (China) के जानलेवा कोरोना वायरस (Corona virus) ने दुनियाभर के देशों को अपनी चपेट में ले लिया है. कोरोना वायरस के चलते दुनियाभर में अब तक 7,158 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1.80 लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. हालात की गंभीरता को देखते हुए WHO ने इसे महामारी घोषित कर दिया है. अमेरिका (America) में भी कोरोना वायरस के चलते अब तक 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है.
अमेरिका ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए टीके का टेस्ट करना शुरू कर दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह दुनियाभर में सबसे जल्दी विकसित किया जाने वाला टीका है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट करते हुए कहा, मुझे खुशी हो रही है कि अपने वैक्सीन के पहले चरण का परीक्षण शुरू कर दिया है. यह इतिहास में सबसे कम समय में तैयार हुई वैक्सीन है. उन्होंने कहा कि हम एंटी वायरल थेरेपी और अन्य तरीकों पर भी काम कर रहे हैं. हमारे पास कुछ आशाजनक शुरुआती परिणाम हैं.
इस प्रयोग की स्टडी लीडर डॉ. जैकसन ने बताया कि कोरोना वायरस जैसी आपदा से लड़ने के लिए हर मुमकिन प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस परीक्षण के लिए 45 लोगों का चुनाव किया गया है. इन सभी लोगों को अलग-अलग मात्रा में टीका दिया जाएगा. अभी यह देखा जा रहा है कि इस टीके का कोई दुष्प्रभाव तो नहीं है. उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन का अध्ययन सभी लोगों पर किया जाएगा.
हम किसी के काम आ सकें इससे बड़ी बात क्या होगी
कोरोना वायरस से भले ही दुनियाभर के लोगों में डर का माहौल है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दुनियाभर के लोगों की जान बचाने की कवायद में जुटे हुए हैं. वैक्सीन टेस्ट में शामिल 43 साल की महिला जेनिफर हैलर ने कहा, हम सब बहुत असहाय महसूस कर रहे हैं. ऐसे में अगर हम किसी के काम आते हैं तो यह हमारा सौभाग्य होगा. इस वैक्सीन को कोड नेम mRNA-1273 दिया गया है.