भाजपा ने सभी नौ मंडलों में कमलनाथ का पुतला जलाया
ग्वालियर 28 जून। केंद्रीय मंत्री रहते हुए चीन को रियायतें देने पर भारतीय जनता पार्टी ग्वालियर महानगर द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का पुतला फूंका गया। जिले के प्रत्येक मंडल में पुतला दहन वरिष्ठ भाजपा नेताओं के उपस्थिति में हुआ।
शहर के इंदरगंज चैराहे पर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन और ग्वालियर सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर मौजूद थे। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी कर रहे थे।
इस मौके पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओ के हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर चीनी दलाल कमल नाथ हाय हाय के स्लोगन लिखे थे। कमल नाथ के खिलाफ नारेबाजी के बीच भाजपा नेताओं ने कमल नाथ का पुतला फूंका।
इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मंत्री बिसेन ने कमल नाथ पर आरोप लगाते हुए कहा कि यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हुए कमल नाथ ने चीन के साथ समझौता किया था। जिसके तहत चीनी उत्पादों के भारत में विक्रय को लेकर भारी भरकम टेक्स में छूट दी गई थी। विशेषकर जिनका उत्पादन भारत में होता है उनके आयात शुल्क घटाए गए थे। परिणाम स्वरूप देश के लघु, कुटीर और हस्तकरघा उधोग प्रभावित हुए। जिसके चलते चीनी उत्पादों ने भारतीय बाजार पर कब्जा कर लिया। पूर्व मंत्री का कहना है वर्तमान में चीन के साथ सीमा पर तनाव है ऐसे में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और राहुल गांधी जो बयानबाजी कर रहे हैं उसमें कहीं भी राष्ट्रवाद नहीं झलक रहा है। पूर्व मंत्री बिसेन ने कहा कि कमल नाथ मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रहे, उनके कार्यकाल में देश को नुकसान हुआ, जिसका पुरजोर विरोध करते हुए भाजपा ने प्रदेशव्यापी मंडल स्तर पर कमल नाथ का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया है।
जिले के हेमू कालानी मंडल द्वारा महाराज बाडे पर, दीनदयाल मंडल द्वारा केआरजी काॅलेज के सामने, सावरकर मंडल का इंदरगंज चैराहे पर, विवेकानन्द मंडल द्वारा राम मंदिर, फालका बाजार, कोटेश्वर मंडल द्वारा किला गेट पर, दुर्गा दास मंडल का हजीरा चैराहे पर, रामकृष्ण मंडल का थाटीपुर चैराहे पर तथा भगत सिंह मंडल द्वारा बारादरी चैरहे पर पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का पुतला दहन किया गया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, पूर्व मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व विधायक मुन्ना लाल गोयल, पूर्व जीडीए अध्यक्ष श्री अभय चैधरी, पूर्व साडा अध्यक्ष श्री राकेश जादौन, जयप्रकाश राजौरिया, पारस जैन, अशोक पटसारिया, राकेश माहौर, अशोक बांदिल, राकेश गुप्ता, कनवर मंगलानी, विनोद शर्मा, सुसेन्द्र परिहार, राकेश शर्मा, राजेश्वर राव, चेतन मंडलोई, रामप्रकाश परमार, विजय सक्सेना, बृज मोहन शर्मा दारा सिंह सेंगर, ओमप्रकाश शेखावत, सुघर सिंह पवैया, सतीश बोहरे, उपेंद्र सिंह बैस उमेश भदौरिया, उधम सिंह यादव, नूतन सक्सेना, दीपू तोमर, गुड्डू तोमर, जसवंत कमरिया, गिर्राज कंसाना, डॉ.महिपत सिंह गुर्जर, प्रमोद पांडे, राजू शिंदे, अरुण सिंह चैहान, चंद्रप्रताप सिकरवार, बंटी भदोरिया, घनश्याम शाक्य, जगराम सिंह कुशवाह, डॉ दयाराम पाल,सतेंद्र गुप्ता, राजेश वाधवानी, जनवेद चैरसिया, आशीष पांडे, फैसल अली काजमी, भूपेंद्र सिंह राजपूत, गोविंद परिहार, महेश खत्री, निकुंज गुप्ता, अजय राज, विमला जादौन, ममता आर्य ,रुकमणी जोशी, राहुल राजपूत, प्रीति थोराट, अनीता बाते, विकास गौतम, लखन पाल, दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, अनूप शुक्ला आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।