भोपाल / ग्वालियर । ग्वालियर चंबल संभाग में अब कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है । तीन बार से लगातार पार्षद और भाजपा के टिकट पर पिछला विधानसभा का चुनाव लड़ चुके डॉ सतीश सिकरवार ने आज भाजपा से नाता तोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया । वे अपने साथ लगभग पांच सौ भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बसों से कल भोपाल के लिए रवाना हुए थे तभी से लग रहा था वे कांग्रेस जॉइन करेंगे। मुख्य बात यह है की सतीश के पिता पत्नी व भाई अभी भी भाजपा में ही हैं राजनीतिक पण्डितों का कहना है की सतीश ने टिकट के लालच में कॉंग्रेस का हाथ थामा है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज पूर्वाह्न में सिकरवार को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई । इस मौके पर कमलनाथ ने उन्हें बधाई देते हुए कहाकि उनके आने से कांग्रेस को ताकत मिलेगी । वही डॉ सिकरवार ने कहाकि वे कांग्रेस को अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।सिकरवार और कांग्रेस के बीच दो माह से बातचीत चल रही थी । प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राम निवास रावत के साथ उनकी कई दौर की बातचीत हो चुकी थी । कांग्रेस को ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के लिए एक ताकतवर प्रत्याशी की दरकार थी । माना जा रहा है कि कांग्रेस सतीश को ही पूर्व से प्रत्याशी बनाएगी । इस तरह एक बार फिर मुन्ना लाल गोयल और सतीश सिकरवार के बीच मुकाबला होगा लेकिन दोनों की पार्टी बदल गई है । भाजपा वाले काँग्रेस से तो कांग्रेस वाले भाजपा से जनता के बीच जाएंगे।सतीश सिकरवार के कांग्रेस में जाने से अंचल की कई विधानसभा सीटों के चुनाव समीकरण बदलेंगे । सतीश के पिता गजराज सिंह सिकरवार और उनके अनुज सत्यपाल सिंह नीटू मुरैना की सुमावली सीट से भाजपा विधायक रह चुके हैं । सिकरवार परिवार का मुरैना, सुमावली और जौरा में व्यापक प्रभाव है । यहाँ सिकरवारों ले वोट वे भाजपा को दिलाने में महती भूमिका अदा करते थे । लेकिन अब इन सीटों पर जातिगत समीकरण बदलेंगे । कांग्रेस इनका लाभ उठाने की ही रणनीति बनाकर चल रही है । सिकरवार का कांग्रेस में प्रवेश इसी का हिस्सा है ।