नई दिल्ली /केंद्र और किसानों के बीच मंगलवार को दो दौर में बातचीत हुई। दो घंटे चले पहले दौर में किसान प्रतिनिधियों के सामने केंद्र ने मिनिमम सपोर्ट प्राइज (MSP) पर प्रेजेंटेशन दिया। उनके सामने प्रस्ताव रखा कि नए कानूनों पर चर्चा के लिए कमेटी बनाई जाए, इसमें केंद्र, किसान और एक्सपर्ट शामिल हों। रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसानों ने ये पेशकश ठुकरा दी है। एक ब्रेक के बाद फिर मीटिंग शुरू हुई, लेकिन ये कुछ ही देर में खत्म हो गई। अब अगली बातचीत 3 दिसंबर को होगी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि किसानों के 35 प्रतिनिधियों ने एक सुर में यही बात कही कि कानूनों को खत्म कर दिया जाए, क्योंकि ये किसानों के हितों के खिलाफ हैं।
दूसरे राज्यों के प्रतिनिधियों से भी होगी बातचीत
केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली के डेलीगेशन से चर्चा करेगी। किसानों के साथ बैठक से पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि हम किसानों की मांगें सुनने के बाद आगे की राह तय करेंगे। बैठक में तोमर के साथ वाणिज्य मंत्री सोम प्रकाश और रेल मंत्री पीयूष गोयल मौजूद थे।
सरकार के बुलावे पर किसानों ने कहा था कि वे मीटिंग के लिए इसलिए तैयार हुए हैं, क्योंकि इस बार सरकार ने कोई शर्त नहीं रखी है। इस बीच, हरियाणा के निर्दलीय विधायक और सांगवान खाप के प्रमुख सोमबीर सांगवान ने खट्टर सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। चरखी दाददी में सांगवान ने कहा- किसानों पर हुए अत्याचारों को देखकर मैं सरकार से अपना समर्थन वापस लेता हूं।