ग्वालियर /रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की कोरोना रोधी नई दवा 2-डीजी को लेकर शहर में अफरा तफरी का माहौल पैदा हो सकता है। इस बात की संभावना इस कारण बन गई है क्योंकि शहर के कुछ निजी अस्पतालों के डॉक्टरों द्वारा यह जानते हुए भी की यह दवा अभी खुले बाजार में उपलब्ध नहीं है फिर भी मरीजों के पर्चे पर इसको पर प्रिस्क्राइब किया जा रहा है। ऐसा किए जाने के बाद मरीजों के परिवारजन इसे तलाशते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक निजी अस्पताल के संचालक से यह दवा अस्पताल के पर्चे पर लिखे जाने को लेकर जब मीडिया ने सवाल किया तो उनका जवाब चोंकाने वाला था। उनका कहना था की मरीज़ों के परिजन ही यह दवा लिखने का दबाव बनाते हैं। उल्लेखनीय है की यह दवा DRDO द्वारा तैयार की गई है और कोरोना मरीजों के ऑक्सीजन स्तर को ठीक रखने हेतु उपयोग में लाई जानी है। इसको डॉ रेड्डी लेब हैदराबाद में तैयार किया जा रहा है। इसके बारे में साफ तौर पर पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है की पहली खेप (बैच) का इस्तेमाल सीमित तरीके से किया जाएगा। इसका इस्तेमाल एम्स, सशस्त्र सेनाओं के अस्पतालों, डीआरडीओ अस्पतालों और जरूरत के अन्य स्थानों पर किया जाएगा। जून से इसे सभी अस्पतालों में उपलब्ध करा दिया जाएगा।’ उन्होंने बताया कि दवा का उत्पादन जारी है और इसका दूसरा बैच मई के अंतिम सप्ताह तक आ जाएगा। जून के पहले सप्ताह से इस दवा के उत्पादन में तेजी लाने की उम्मीद है क्योंकि इसे विकसित करने की प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लगता है।
रेमेडिसिवर के बाद अब कोरोना रोधी नई दवा 2-डीजी को लेकर माहौल गंदा करने की कोशिश
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