महाकाल मंदिर में दिव्यांगों को अभी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। आने-जाने के लिए पृथक मार्ग और व्हील चेयर की व्यवस्था है। जगह-जगह विशेष रैंप भी लगे हुए हैं। दृष्टिबाधित दिव्यांगों के लिए विशेष पाथवे है, जिस पर चलकर वे अंदर जाते हैं
हाल ही में मंदिर में नियमों को लेकर विवाद सामने आया। दरअसल मंदिर की परंपरा है कि भस्मारती व प्रवेश बंद के दौरान पुरुष सोले और महिलाएं साड़ी पहनकर ही गर्भगृह में प्रवेश कर सकती हैं। इस ड्रेस कोड के बिना प्रवेश नहीं दिया जा सकता।
कई श्रद्घालुओं को इसकी जानकारी नहीं होती और प्रवेश के लिए विवाद करते हैं। इसके चलते अब समिति ने नियमों की जानकारी देने के लिए परिसर में 10 स्थानों पर बैनर लगाए हैं। इन पर सभी नियमों की जानकारी दी गई है। इसके अलावा वेबसाइट और एप पर नियम प्रसारित किए जाएंगे। ताकि श्रद्घालु पूरी तैयारी से मंदिर आएं और अनावश्यक विवाद न हों।
अनुमति पर्ची और एसएमएस में भी लिखे जाएंगे नियम
प्रशासक शर्मा के अनुसार जल्द ही भस्मारती अनुमति की पर्ची और मंदिर समिति द्वारा भेजे जाने वाले एसएमएस में भी उक्त नियम लिखे जाएंगे, ताकि श्रद्घालु इनसे अवगत रहें।