रतलाम जिले के आदिवासी बहुल विकासखंड बाजना में किल कोरोना अभियान में कार्यरत नर्स द्वारा ईसाई धर्म का प्रचार करने व प्रार्थना करने से कोरोना दूर होने की बात कहने का मामला सामने आया है। लोगों ने नर्स को प्रचार के पर्चों सहित पकड़ा और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। प्राथमिक जांच में धार्मिक प्रचार की बात सही पाई गई है। गौरतलब है कि कोरोना नियंत्रण के लिए प्रदेशभर में घर-घर सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए एएनएम, नर्स, आगंनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं का दल बनाकर ड्यूटी लगाई गई है। बाजना क्षेत्र में रेपिड रिस्पांस टीम की नर्स संध्या तिवारी द्वारा सर्वे के दौरान ईसाई धर्म का प्रचार करने व पर्चे वितरित किए जाने की जानकारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को मिली थी। शनिवार दोपहर किल कोरोना दल के सदस्यों द्वारा बाजना के राजपूत मोहल्ले में सर्वे के दौरान नर्स संध्या तिवारी द्वारा एक घर में ईसाई धर्म के प्रचार से जुड़ा पर्चा दिया तो वहां के लोगों ने आपत्ति जताई। इसके बाद हिंदू संगठनों व आरएसएस के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे।
नर्स संध्या को थाने लाकर पुलिस द्वारा भी पूछताछ कर बयान लिए गए। इस दौरान करीब एक घंटे तक नर्स बहस करते हुए कोई गलत काम नहीं करने का हवाला देती रही। तहसीलदार भगवानदास ठाकुर भी थाने पहुंचे और नर्स पर लगे आरोपों को लेकर जानकारी ली। बाद में तहसीलदार ने जांच प्रतिवेदन बनाकर एसडीएम सैलाना कामनी ठाकुर को भेजा। प्रतिवेदन में प्राथमिक तौर पर शिकायत सही पाई गई है।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने किया ट्वीट
उधर इस मामले में मध्यप्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाताशर द्वारा ट्वीट किए जाने के बाद मामला गरमा गया है और इसके राजनीतिक रंग लिए जाने की संभावना बढ़ गई है श्री पाराशर ने अपने अधिकृत ट्वीटर एकाउंट पर सम्बंधित वीडियो जारी करते हुए लिखा है की नर्स की आड़ में ईसाई मिशनरीज का यह वीडियो रतलाम का है।