जबलपुर /मध्यप्रदेश के छात्रों के विरोध को देखते हुए जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी भी सख्त हो गई। उसने जबलपुर के 37 पीजी छात्रों समेत प्रदेश भर के 470 छात्रों का नामांकन निरस्त कर दिया है।
मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर की ओर से 470 पीजी छात्रों के नामांकन निरस्त करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश में हवाला दिया गया है कि पीजी छात्र 31 मई से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल का नोटिस देकर अपने कार्यस्थल से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित हैं। एक जून को ऐसे सभी छात्रों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था कि प्रदेश में एस्मा लागू है।
छात्रों की सेवाएं अति आवश्यक सेवाओं में आती है। छात्र एस्मा के तहत सेवा देने से इंकार नहीं कर सकते। यह एस्मा का उल्लंघन है। साथ ही, छात्रों का यह कृत्य भारतीय मेडिकल काउंसिल (Professional Conduct, Etiquette and Ethics) 2012 के प्रावधान 1.2 का उल्लंघन है।
यह मप्र शासकीय स्वशासी चिकित्सा तथा दंत चिकित्सा पीजी पाठ्यक्रम प्रवेश नियम 2017 के नियम (5) के भी विपरीत है। इस कारण जबलपुर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर व रीवा मेडिकल कॉलेज के 470 छात्रों का नामांकन निरस्त किए जाते हैं। इनके नामों की अनुशंसा सभी मेडिकल काॅलेज के डीन की ओर से किया गया था।
महाविद्यालय वार नामांकन निरस्त किए गए छात्रों की संख्या
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय, जबलपुर-37
- महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर-94
- गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल-95
- श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा-173
- गजराजा चिकित्सा महाविद्यालय, ग्वालियर-71