संघ भाजपा के बाद अब केन्द्रीय मंत्री की छवि खराब करने की कोशिश ,हाथ पर हाथ धरे बैठी सरकार,कांग्रेस को मिला निशाना साधने का मौका
ग्वालियर /गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय और उससे सम्बंधित जयारोग्य चिकित्सालय समूह में डॉक्टरों के बीच छिड़ी वर्चस्व व प्रबंधकीय पद हथियाने की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। पर्दे के पीछे से डॉक्टरों के दो गुटों में एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए घात प्रतिघात का खेल लगातर जारी है। सूत्रों के अनुसार इसी अंदरूनी लड़ाई का ही हिस्सा है जयारोग्य का ताजा नर्स कांड जिसमें केंद्रीय मंत्री के नजदीकी रिश्तेदार पर सार्वजनिक रूप से कीचड़ उछाला गया है। इससे पहले अस्पताल के ही एक पूर्व सहायक अधीक्षक के खिलाफ एक गुमनाम पत्र सामने आया था जिसमें आरएसएस, भाजपा को भी लपेटने की कोशिश की गई थी अब नर्स कांड को उसी पत्र के प्रतिउत्तर के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर इस सम्पूर्ण घटनाक्रम से जहां अंचल के सबसे बड़े अस्पताल समूह पर छवि को बट्टा लग रहा है वहीं अब यहां के बिगड़ते माहौल ने प्रदेश के विपक्षी दल कांग्रेस को भी सरकार पर हमला बोलने का मौका दे दिया है।
उल्लेखनीय है की एक सप्ताह पूर्व जयारोग्य चिकित्सालय के गलियारों से लेकर डॉक्टरों के चेम्बर तक एक गुमनाम पत्र की जोरदार चर्चा थी । shabd shakti news.in ने 29 मई को “जयारोग्य के काले सच को उजागर करते गुमनाम पत्र की चौतरफ़ा चर्चा” शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस गुमनाम पत्र में में मेडिकल कॉलेज व jah हॉस्पिटल को पिछले कुछ वर्षों के दौरान भ्र्ष्टाचार का अड्डा बनाने व यहां के तमाम डॉक्टर व कर्मचारियों द्वारा गिरोह बनाकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिए जाने का सनसनीखेज खुलासा किया गया था। साथ ही इस पत्र में अस्पताल प्रबंधन से जुड़े पदों पर पदस्थापना, फ़र्जी तरीके से की गईं भर्ती, मेडिकल स्टोर व अन्य स्थानों से होने वाली सप्लाई में भ्र्ष्टाचार,अस्पताल के तमाम घोटाले व व्यापम घोटाले से तैनात डॉक्टरों की नियुक्तियों,अस्पताल सुरक्षा, किचन, लाउंड्री पार्किंग आदि में कमीशन खोरी जैसे तमाम विषयों का कच्चा चिठ्ठा उजागर किया गया था। पत्र के माध्यम से इस बात का भी खुलासा हुआ था की अस्पताल में व्यक्तिगत हित सरंक्षण के लिए किस प्रकार राजनीतिक वजूद का इस्तेमाल करके लाभ उठाया जा रहा है।इसमें अस्पताल के पूर्व सहायक अधीक्षक रहे एक डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए संघ व भाजपा व मंत्री तक पर छींटाकशी की गई थी।
Shabd shakti news ने जब अपने स्तर पर छानबीन की तो पता चला था की इस गुमनाम पत्र के पीछे वर्तमान में अस्पताल के ही जिम्मेदार पदों पर तैनात चिकित्सकों का एक गुट शामिल है । जो नहीं चाहता की दूसरा कोई भी उनके लिए चुनौती बने यही कारण है गुमनाम पत्र के माध्यम से दूसरे गुट पर कीचड़ उछालने का काम किया गया।
जबसे यह पत्र सामने आया तभी से जयारोग्य में छिड़ी वर्चस्व की यह जंग उफान मार रही थी इस बात की आशंका थी की जिसपर कीचड़ उछाला गया वह गुट इसका जवाब उसी लहजे में जरूर देगा।
सूत्रों का कहना है की तभी से प्रतिउत्तर देने की रणनीति पर काम चल रहा था जिसकी परिणीति रविवार को नर्स द्वारा एक डॉक्टर पर लगाये आरोपों के द्वारा सामने आ गई है। इसमें उसी प्रकार एक केंद्रीय मंत्री को घसीटने की कोशिश की गई है जैसे की गुमनाम पत्र में संघ भाजपा को की गई थी। नर्स के आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो पुलिस द्वारा की जाने वाली जांच में ही सामने आएगा लेकिन सूत्रों की माने तो अस्पताल के ही डाक्टरों ने अपने वर्चस्व की लड़ाई के समय इस मामले का उपयोग किया है।
इस मामले में अब कांग्रेस ने जिस प्रकार मध्यप्रदेश शासन पर निशाना साधा है उससे अब सरकार की भी किरकिरी होती दिख रही है। चूंकि पूर्व के गुमनाम पत्र संघ भाजपा को सीधे लपेटने के बाद अब नर्स कांड में केंद्रीय मंत्री के रिश्तेदार पर आरोप के तथा कांग्रेस के इसमें कूदने के बाद जयारोग्य का माहौल पूरी तरह राजनीति में रंगता दिखाई दे रहा है। इसको लेकर शासन प्रशासन क्या कदम उठाता है इसपर सबकी नजर है।