भारतीय संस्कृति में पेड़ पौधों के पूजन की परंपरा सदियों पुरानी: चाकणकर
ग्वालियर।हम प्रकृति का दोहन करते है, हमेशा कुछ न कुछ मांग करते रहते है, और माॅ स्वरूप प्रकृति भी हमे कभी उदास नही होने देती। आइए आज हम प्रकृति मां को पौधारोपण रूपी उपहार दे। उपरोक्त उदगार जिला योग प्रभारी दिनेश चाकणकर ने अल्मोड़ा आमखो में हरियाली अमावस्या पर योग प्रभारियों द्वारा वृक्षारोपण अवसर पर व्यक्त किए। श्री चाकणकर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पेड़ पौधों के पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है प्राचीन वेद ग्रंथों में भी , वनों, प्रकृति एवं वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनको संरक्षण एवं देव समान पूजन योग्य बताया गया है।
इस अवसर पर विकासखंड मुरार शहर क्रमांक एक , मुरार ग्रामीण, भितरवार तथा घाटीगांव के विकास खंड योग प्रभारी सर्वश्री अरूण शर्मा, रुचि सचान, कृष्णपाल सिंह यादव राजनारायण शर्मा ने भी बरगद,पीपल, नीम, हरसिंगार आदि के पौधे रोपे।
श्री चाकणकर ने बताया कि आज अवकाश होने के बावजूद जिले के 100से अधिक हायर सेकेंडरी तथा हाईस्कूल के योग क्लब प्रभारियों द्वारा भी अपने अपने विद्यालयों में पौधे रौपे गए।
