ग्वालियर /कला संगीत व ऐतिहासिक सम्पदा को अपने भीतर समेटे ग्वालियर नगरी 3 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे चित्रभारती के दो दिवसीय लघु फिल्मोत्सव के स्वागत हेतु पूरी तरह तैयार है। यह फिल्मोत्सव जीवाजी विश्वविद्यालय के निकट गोविंदपुरी स्थित देश के प्रतिष्ठित आई आई टी टी एम परिसर में आयोजित होने जा रहा है।
इस भव्य व गरिमापूर्ण आयोजन के बारे में फिल्मोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ केशव पांडेय व चित्र भारती के प्रांत सह संयोजक दिनेश चाकणकर आई आई टी टी एम के निदेशक डॉ आलोक शर्मा व फिल्म निर्देशक आकाश आदित्य लामा ने संयुक्त रूप आयोजन स्थल पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी से पत्रकारों को अवगत कराया। उन्होंने ने बताया कि फिल्मोत्सव का शुभारंभ कार्यक्रम रविवार 3 अक्टूबर को 12 बजे से ग्वालियर के सांसद विवेक शेजवलकर के मुख्य आथित्य में आयोजित किया जाएगा व समापन कार्यक्रम सोमवार 4 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे से होगा इसमें भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व प्रदेश सरकार की संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर सहित कई अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहेंगे।
ये जानीमानी हस्तियां आएंगी
इस कार्यक्रम में प्रख्यात फिल्म निर्देशक और सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री पहलाज निहलानी, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया,पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषाताई ठाकुर,मुंबई फिल्म सिटी के पूर्व उपाध्यक्ष अमरजीत शर्मा,फिल्म निर्देशक आकाश आदित्य लामा,भोजपुरी फिल्म निर्देशक आनंद घटराज सहित कई फिल्मी हस्तियां भाग ले रहीं हैं।
डॉ केशव पांडेय व दिनेश चाकणकर ने बताया कि ग्वालियर के लिए यह फिल्मोत्सव कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। इसमें प्रख्यात फिल्म निर्देशक और सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री पहलाज निहलानी सहित कई अन्य फिल्मी हस्तियों के आने से पूरे अंचल में फिल्मों व स्थानीय कलाकारों के लिए आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने बताया कि फिल्मजगत से जुड़ी महान स्थानीय प्रतिभा वनमाला देवी के नाम से इस फिल्मोत्सव में पुरस्कार की परम्परा से ग्वालियर का मान बढेगा।
यह है वनमाला देवी पुरस्कार समिति
वनमाला देवी पवार पुरस्कार समिति कर्नल महीपत पवार के संरक्षण में बनाई गई है। जिसमे श्रीमती भारती पवार, श्रीमती मंदाकिनी माथुर, श्री अरूण कांटे, डॉक्टर केशव पांडे,श्री दिनेश चाकणकर, आशीष भवालकर श्री रमेश कांटे तथा श्रीमती रागिनी कांटे सदस्य हैं। यह समिति प्रदेश के किसी कलाकार को श्रेष्ठ अभिनय के लिए वनमाला देवी पवार पुरस्कार से सम्मानित करेगी।
डॉ पांडेय व श्री चाकणकर ने बताया कि इस राज्य स्तरीय फिल्मोत्सव हेतु अब तक बड़ी संख्या में प्रदेशभर से लघुफ़िल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। इन प्रविष्टियों में से 6 प्रमुख फिल्मों का चयन कर उन्हें पुरुस्कृत किया जाएगा । पुरस्कृत की जाने वाली फिल्मों का चयन फ़िल्म जगत से जुड़े प्रतिष्ठित नामों की जूरी द्वारा किया जाएगा।
यह होंगे पुरस्कार व श्रेणियां
प्रतियोगिता खंड पुरस्कार
1.बेस्ट फ़िक्शनल शॉर्ट फिल्म पुरस्कार
2. बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म पुरस्कार
विशेष सम्मान
वनमाला देवी पवार अभिनय उत्कृष्टता सम्मान
व्यक्तिगत तकनीकी श्रेणी के सम्मान
1.बेस्ट डायरेक्टर सम्मान 2.बेस्टसिनेमैटोग्राफी सम्मान
3. बेस्ट एडिटिंग सम्मान
4. बेस्ट साउंड सम्मा
5.बेस्ट स्क्रिप्ट सम्मान
6.अन्य सम्मान
चित्र भारती के प्रांत सह संयोजक दिनेश चाकणकर ने कहा कि सिनेमा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मनुष्य के अवचेतन को प्रभावित करता है और उसके मनोविज्ञान आचरण रहन-सहन फैशन भावनाओं संवेदना आदि को अपने विंबो में समेट लेता है यह इतना सशक्त माध्यम है कि हम चाहे या ना चाहे इसके प्रभाव में आ ही जाते हैं फिर वह प्रभाव सकारात्मक हो या नकारात्मक इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है की सिनेमा अपनी मूल अवधारणा में हमारी संस्कृति हमारे मूल्य और गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखें। कई बार व्यवसायिक ता के नाम पर यह कभी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर हमारे फिल्मकार इतनी विकृति और फूहड़ता दिखा देते हैं कि लगता है कि हम भारत देश ही नहीं बल्कि किसी और काल्पनिक दुनिया की फिल्में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि
एक अच्छी फिल्म बनाने के लिए अच्छा विषय अच्छी कहानी और पटकथा का होना बहुत आवश्यक है किस का वर्तमान समय में अभाव है। चित्र भारती कुछ विषय वस्तुओं को लेकर हर 2 वर्ष में फिल्मोत्सव का आयोजन करती है उसी कड़ी में यह राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। क्योंकि फिल्में हमारे वर्तमान समय का ऐतिहासिक दस्तावेज है इसी विरासत को हम भविष्य में आने वाली पीढ़ियों को प्रदान करेंगे इसलिए हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम एक अच्छी विरासत उन्हे सौंपे। भारतीय चित्र साधना और सतपुड़ा सोसाइटी चलचित्र समिति इस दिशा में पूर्णतः प्रयत्नशील है और हमारे इस कार्य में आईआईटीटीएम राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विद्यालय उद्भव सांस्कृतिक संस्था वीआईएसएम तथा ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल सहभागी बने हैं और हम आप सब की भी सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा करते हैं।
ओटीटी प्लेटफार्म पर परोसी जा रही है गंदगी
पत्रकारों से चर्चा के दौरान मूलतः ग्वालियर निवासी फिल्म निर्देशक आकाश आदित्य लामा ने कहा कि वर्तमान समय ओ टी टी प्लेटफॉर्म पर परोसी जा रही गन्दगी पर लगाम लगाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब फिल्म इंडस्ट्री के लिए सेंसर प्रावधान हैं तो ओ टी टी पर भी इस तरह के नियम जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि आज इस प्लेटफार्म का उपगोग मोबाइल के रुप में बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग बे रोक टोक कर रहे हैं। इसका फायदा कला के माध्यम से देश को तोड़ने वाली शक्तियां उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में तो कला एक ईश्वरीय साधना का रूप है। उन्होंने कहा कि चित्रभारती संगठन देश में कला के उच्च स्वरूप व देश निर्माण में फिल्मों के योगदान को लेकर सक्रीय हैं यह बेहद प्रसन्नता का विषय है।