ग्वालियर / मध्य प्रदेश हाई कोर्ट खंड पीठ ग्वालियर के न्यायमूर्ति श्री रोहित आर्या एवं न्यायमूर्ति दीपक कुमार अग्रवाल की युगल पीठ ने ग्वालियर में व्याप्त डेंगू महामारी पर बेहद गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए दिनांक 12 11 2021 को जयारोग्य अस्पताल ग्वालियर के अधीक्षक एवं ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अपने-अपने शपथ पत्रों के साथ हाई कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए हैं
दरअसल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ग्वालियर के अधिवक्ता अवधेश सिंह भदोरिया द्वारा दिनांक 21 11 2019 को हाईकोर्ट में स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख सचिव सहित नगरी प्रशासन मंत्रालय के प्रमुख सचिव कलेक्टर ग्वालियर कमिश्नर नगर निगम अधीक्षक जयारोग्य अस्पताल ग्वालियर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी ग्वालियर के विरुद्ध एक अबमान याचिका इस आशय की प्रस्तुत की कि उनके द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष सन 2018 में डेंगू महामारी को लेकर एक जनहित याचिका प्रस्तुत की गई थी जिसमें हाई कोर्ट द्वारा दिनांक 7 8 2019 को मध्यप्रदेश शासन को डेंगू महामारी की रोकथाम एवं उपचार के लिए 10 दिशा निर्देश जारी किए थे किंतु उनमें से किसी भी दिशानिर्देश का किसी भी अधिकारी द्वारा पालन नहीं किया गया है जिसके चलते ग्वालियर शहर सहित मध्य प्रदेश के अधिकांस क्षेत्रों में बरसात के मौसम के पश्चात डेंगू बीमारी एक महामारी का रूप लेती जा रही है हाईकोर्ट के आदेश का पालन ना होने पर डेंगू महामारी के रोकथाम के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं इसलिए उक्त अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए
हाई कोर्ट द्वारा अपने आदेश में कहा गया है कि ग्वालियर के प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य के प्रति हाई कोर्ट बेहद गंभीर है खासकर बच्चों के इस बीमारी की चपेट में आने से एक विकट समस्या खड़ी हुई है डेंगू महामारी की रोकथाम के लिए यदि फंड की जरूरत हुई तो हाई कोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख सचिव को फंड मुहैया कराने का भी आदेश दे सकता है हम हर रोज प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में खबरें देख रहे हैं कि डेंगू लगातार एक महामारी का रूप लेता जा रहा है इसलिए यह विषय हाईकोर्ट के लिए एक जनहित के रूप में है इस स्टेज पर हम अधिकारियों से यह जानना चाहेंगे कि उनके द्वारा डेंगू महामारी की रोकथाम एवं उपचार के लिए क्या व्यवस्था की गई है इसलिए जयारोग्य अस्पताल ग्वालियर के अधीक्षक एवं ग्वालियर शहर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दिनांक 12 11 2021 को अपने-अपने शपथ पत्रों के साथ हाई कोर्ट में उपस्थित रहे
अधिवक्ता अवधेश सिंह भदोरिया द्वारा न्यायालय को बताया गया है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्वालियर शहर में डेंगू बीमारी एक महामारी का रूप ले चुकी है जिसके चलते अभी तक करीब 2000 व्यक्ति डेंगू की चपेट में आ चुके हैं ज्यादातर बच्चे इस महामारी का शिकार हो रहे हैं और लगातार मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है किंतु उक्त अधिकारियों द्वारा एवं शासन प्रशासन द्वारा डेंगू बीमारी को रोकने के संबंध में कोई उपाय नहीं किए गए और ना ही डेंगू के उपचार के लिए उचित व्यवस्था की गई है