राष्ट्रपति कोविंद रविवार को मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर की यात्रा पर हैं। यूँ तो ग्वालियर का जिला प्रशासन और राष्ट्रपति के लिए अधिकृत सरकारी एजेंसियां पिछले कई दिनों से उनकी यात्रा की तैयारियों में जुटीं हैं। बावजूद इसके राष्ट्रपति आज जब ग्वालियर पहुंचे तो जिला प्रशासन की ऐसी चूक सामने आई कि उसने न केवल उच्च नोकरशाह के माथे पर पसीना ला दिया बल्कि तैयारियों में जुटे आयोजकों के भी होश उड़ा दिए हैं।
हुआ यूं कि जब राष्ट्रपति अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जीवाजी विश्वविद्यालय पहुंचे और दिव्यांगों के कल्याणार्थ आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन हुए तभी मौसम बिगड़ गया और बारिश शुरू हो गई।
यूं तो जिला प्रशासन का इंतजाम उम्दा था और वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया था। लेकिन जैसे ही पानी बरसा कुछ बूंदें सीधे जहां राष्ट्रपति बैठे थे वहीं आकर गिरीं ।
राष्ट्रपति के भी समझ नहीं आया और उनके साथ सभी के सर और निगाहें पंडाल के ऊपर जा टिके वहां एक सूराख था और उसी के ठीक नीचे जिला प्रशासन ने महामहिम की कुर्सी डाल रखी थी ।
हालांकि यह नजारा देख राष्ट्रपति की कुर्सी थोड़ी सरका दी गई लेकिन इस घटनाक्रम ने जहां कई सारे सवालों को जन्म दे दिया वहीं व्यवस्था में लगे आला अधिकारियों के माथे पर पसीना भी ला दिया। समाचार लिखे जाने तक कार्यक्रम जारी था। देखना दिलचस्प होगा महामहिम के कार्यक्रम के इस चूक के लिए किसपर गाज गिरती है या फिर इसे मानवीय भूल मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।