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चम्बल भारत के मुख्य रेल मार्गों से जुड़ेगा करोड़ों के निर्माण कार्यों पर जारी है काम

भिंड सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद के निरंतर प्रयत्न से भिंड इटावा एवं भिंड आगरा वाया उदी रेल मार्ग पर नई अधोसंरचना के विकास से शीघ्र ही रेल गाड़ियों का संचालन बढ़ेगा| भिंड, उदी एवं इटावा तथा भांडई (आगरा) के नए रेल मार्ग को देश की प्रमुख रेल गाड़ियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए रेल बजट में एक हज़ार 80 करोड़ रुपये की लागत से इटावा एवं भांडई में फ्लाई ओवर (रेल पर रेल) बनेंगे| भिंड सांसद डॉ. प्रसाद ने प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री श्री पियूष गोयल का आभार व्यक्त किया है|

उल्लेखनीय है की गुना इटावा रेल लाइन पर 16 साल से लंबित रेल गाडी का संचालन मुख्य मंत्री श्री शिवराज सिंह, रेल मंत्री श्री मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर तथा सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद ने 27 फरवरी 2016 को भिंड इटावा रेल गाडी का शुभारम्भ किया था| इस सन्दर्भ में अपेक्षा की गई थी कि शीघ्र ही इस मार्ग पर कई रेल गाड़ियों का संचालन होगा| देश के सबसे पुराने रेल मार्ग हावड़ा – लाहौर पर स्थित इटावा पर क्षमता से दुगुनी संख्या में रेल गाड़ियों का संचालन हो रहा है| इसी प्रकार आगरा के समीप भांडई जंक्शन पर भी रेल गाड़ियों की अति भीड़ से रेल मार्ग बाधित है| परिणामस्वरूप भिंड का इटावा तथा भांडई से रेल संपर्क नई गाड़ियों के लिए अभी पूरी तरह से नहीं खुल पाया है|

इस समस्या के निराकरण के लिए रेल मंत्रालय ने चम्बल क्षेत्र में भविष्य में देश की सभी बड़ी रेल गाड़ियों का आवागमन सुगम बनाने के लिए 894 करोड़ रुपये की लागत का भिंड – इटावा – मैनपुरी रेल मार्ग पर 11 किलोमीटर लम्बा रेल लाइन पर फ्लाई ओवर बनाने का कार्य प्रारम्भ किया है| इससे हावड़ा – कानपुर – नई दिल्ली, इटावा – भिंड एवं आगरा तथा भिंड इटावा – मैनपुरी के रेल मार्ग खुल जाएंगे| यह कार्य वर्ष 2020-2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है| इसी प्रकार नए बजट में भांडई (आगरा) – इटावा एवं भांडई – भिंड वाया उदी मार्ग पर बड़ी रेल गाड़ियों का आवागमन सुगम करने के लिए 186 करोड़ लागत का 10 किलोमीटर लम्बा फ्लाई ओवर बनाने का निर्णय लिया गया है| इस फ्लाई ओवर के माध्यम से आगरा – दिल्ली – जयपुर से भिंड की ओर आनेवाली रेल गाड़ियों का मार्ग पूरी तरह खुल जायगा| दूसरी ओर भिंड से कानपुर, लखनऊ,इलाहाबाद, कोलकाता की ओर जानेवाली गाड़ियों का आवागमन सुगम होगा|

उल्लेखनीय है की ग्वालियर – भिंड – इटावा – मैनपुरी – फर्रुखाबाद दूसरी ओर उदी – भांडई नए रेल मार्गों का विधुतीकरण करने के लिए 361 करोड़ रूपए लागत की योजना पर कार्य  प्रारंभ हो चुका है| इसमें बिरलानगर (ग्वालियर)- भिंड – इटावा रेल लाइन पर 118करोड़ रुपये खर्च होंगे| उपरोक्त दोनों फ्लाई ओवर की अधोसंरचना से भिंड भारत के प्रमुख रेल मार्गो पर आ जाएगा| भिंड से कोंच और उरई से महोबा की रेल लाइन बनते ही यह भारत के उत्तर – दक्षिण के  नए प्रमुख रेल मार्ग का हिस्सा होगा| चम्बल क्षेत्र दुर्गमता के अभिशाप से मुक्त होगा तथा भारत के विकास की मुख्य धारा में अग्रणी भूमिका में होगा|

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