ग्वालियर। मामा माणिकचंद वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास के तत्वावधान में पुस्तक चर्चा एवं समीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमें ख्यात लेखक देवेश खंडेलवाल की पुस्तक हलाल प्रमाणन पर चर्चा में बुद्धिजीवियों ने आंखें खोलने वाले सच से परिचय कराया।

चर्चा में कहा गया कि हलाल की अवधारणा को भारत पर थोपना एक बड़े वैश्विक षड्यंत्र का हिस्सा है। ऐसे षड्यंत्रों के प्रति भारत के समाज को जागरुक रहकर चिंतन करना चाहिए। साहित्य समीक्षा प्रमुख डॉ राजकुमार वाजपेयी
नगर की प्रसिद्ध समाजसेवी और साहित्यकार डॉ. करूणा सक्सेना शिक्षाविद एवं साहित्यकार डॉ वंदना सेन साहित्यकार संगीता गुप्ता जी सहित अन्य वक्ताओं ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भारत में हलाल प्रमाणन की आवश्यकता ही नहीं है, फिर भी इसे भारत में सरकार की कर व्यवस्था के सामानांतर चलाया जा रहा है जो की कानून और बहुसंख्यक समाज के साथ धोखा है वक्ताओं ने कहा कि महत्वपूर्ण बात जो समझने वाली है वो यह कि इस हलाल प्रमाण पत्र को लेने के लिए भारी भरकम रकम देनी पड़ती है जो गैर सरकारी मुस्लिम संगठनों की झोली में जाती है। बुद्धजीवियों ने आशंका जताई है कि यह व्यवस्था बड़े आर्थिक युद्ध के संकेत दे रही हैऔर निश्चित ही इसकी राशि का दुरुपयोग ही होगा !
चर्चा कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. निशांत शर्मा, साहित्य विक्रय प्रमुख श्री राधे श्याम जी श्री राममोहन वर्मा आदि उपस्थित रहे।