राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में सरसंघचालक मोहन भागवत और सर कार्यवाह भैय्या जी जोशी ने कहा है कि कांची कामकोटि पीठ के पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती जी महाराज ने एक अत्यंत तेजस्वी एवं ओजस्वी जीवन पूर्ण किया और अब उनकी पवित्र आत्मा का शिवत्व में सायुज्ज्य हुआ है. आद्यशंकराचार्य की परंपरा के अनुसार हिन्दू समाज के जीवन में किसी भी कारण से आ गयी कुरीतियों के निवारण एवं दुर्बल वर्ग की उन्नति के लिए बहुविध सेवा कार्यों हेतु वे अपनी विलक्षण क्षमता और अद्भुत संकल्प शक्ति से जीवन भर समर्पित रहे.
अपने सनातन वैदिक दर्शन और वैदिक संस्कृति को युगानुकूल प्रतिष्ठापित करते हुए समस्त हिन्दू समाज को सभी दृष्टि से दोषमुक्त तथा सामर्थ्यवान करने के लिए उन्होंने सफल प्रयत्न किये हैं. अब वे पार्थिव शरीर से हमारे मध्य नहीं है किन्तु उनकी प्रेरणादायी स्मृतियाँ समस्त हिन्दू समाज को निरंतर उर्ज्वस्वित करते रहेंगी.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से शंकराचार्य परंपरा की महान ज्योति के परमात्मा में विलीन होने पर हम अपनी विनम्र श्रद्धांजलि समर्पित करते हैं.