वार्ड 43 को लेकर शब्दशक्तिन्यूस द्वारा 5 जून को लिखी गई खबर “वार्ड 43 : कहीं सिंधिया खेमा न बन जाये कलह का कारण” सच साबित हुई है,भाजपा ने शहर के ह्रदय स्थल महाराज बाड़ा से सटे वार्ड 43 में किसी भी असंतोष को टालने के लिए सिंधिया खेमे के खास अनिल सांखला को यहां से चलता कर वार्ड 50 से प्रत्याशी घोषित करके बड़ा उलट पुलट कर दिया है। लेकिन महाराज बाड़ा इलाके से सटे एक अन्य वार्ड क्रमांक 44 से श्री सिंधिया अपने खास नवीन परांडे की पत्नी यामिनी नवीन परांडे को टिकट दिलाने में कामयाब रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि वार्ड 43 में ही महल के बेहद नजदीकी मोदी परिवार का निवास है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा मे आने के बाद इस वार्ड में रहने वाले अनिल सांखला ने भी भाजपा का दामन थाम लिया था। सांखला जब कांग्रेस में थे तब वार्ड 43 से पार्षद चुने गए थे । सांखला जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे से जुड़े हैं वहीं सिंधिया के ही खास मोदी परिवार से भी उनकी बेहद निकटता है। वार्ड 43 सामान्य घोषित होने व सांखला के ओबीसी होने का पेच फंसने के बावजूद इस वार्ड में रहने वाले महल से जुड़े मोदी के दबाव से टिकिट मांग रहे थे एक समय उनका टिकिट फाइनल होता भी नजर आ रहा था लेकिन इसको लेकर इस वार्ड से भाजपा के तमाम मूल कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ गया था उनका कहना था की सामान्य वार्ड से ओबीसी को टिकट दिया गया तो वे काम नहीं करेंगे शब्दशक्तिन्यूस ने 5 जून को उक्ताशय की खबर “वार्ड 43 : कहीं सिंधिया खेमा न बन जाये कलह का कारण” शीर्षक से प्रकाशित की थी। सूत्रों का कहना है की पार्टी हाईकमान ने इस खबर को गम्भीरता से लिया और अनिल सांखला का टिकिट इस वार्ड से काटकर भाजपा के पुराने नेता संजय सिंघल की प्रत्याशी घोषित कर दिया। लेकिन सिंधिया के निकट मोदी परिवार के दबाव में भाजपा ने अनिल सांखला को अंततः वार्ड 50 से मौका दे ही दिया। उधर वार्ड 44 से भी सिंधिया के खास नवीन परांडे की पत्नी यामिनी भी टिकट प्राप्त करने में कामयाब रही हैं।