पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार के मंत्री की देश की राष्ट्रपति के द्रोपदी मुर्मू के बारे में उन्हें आहत करने वाली टिप्पणी ने देश के आदिवासी वनवासी समाज का गुस्सा भड़का दिया है। इसको लेकर आज भी प्रदर्शन जारी रहे।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के बारे में पश्चिम बंगाल के सुधार गृह मंत्री अखिल गिरि ने विवादास्पद टिप्पणी की थी. टीएमसी नेता गिरि के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आदिवासी समाज बांकुड़ा जिलों में प्रदर्शन कर रहे हैं. बांकुड़ा के खटरा में ही ज्योत्सना मांडी को विरोध का सामना करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों ने गिरि के खिलाफ नारे लगाते हुए उनकी कार को रोक लिया. वहीं इस पूरे मामले पर मांडी ने कहा कि वो गिरी के बयान के समर्थन नहीं करती हैं.
अखिल गिरि ने क्या कहा था?
अखिल गिरि ने शुक्रवार(11 नवंबर) को नंदीग्राम में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान ‘राष्ट्रपति के रूप’ के बारे में टिप्पणी की थी. वो बोले, ”उन्होंने (बीजेपी) ने कहा कि मैं अच्छा नहीं दिखता हूं. हम किसी को उसकी शक्ल से नहीं आंकते. हम भारत के राष्ट्रपति के पद का सम्मान करते हैं लेकिन हमारी राष्ट्रपति कैसी दिखती हैं?” बाद में इस पर उन्होंने माफी मांगते हुए कहा था कि उनका उद्देश्य राष्ट्रपति का अनादर करना नहीं था. बता दें कि इसी को लेकर बीजेपी भी विरोध कर रही है.