प्रवीण दुबे
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए वीडियो वायरल होने के बाद राजनीति गरमा गई है। निसंदेह यह जांच का विषय है की पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे वाला वीडियो कितना सच है या फिर भाजपा ने राजनीतिक फायदे की दृष्टि से फेक वीडियो वायरल किया है, लेकिन कांग्रेस और खासकर के राहुल गांधी के इतिहास को खंगाला जाए तो कई ऐसे मौके आ चुके हैं जब इस तरह के कृत्य उजागर होने के बाद कांग्रेस को देश के सामने नीचा देखना पड़ा है। मध्य प्रदेश की की ही बात करें तो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जो कि नेहरू गांधी परिवार के खासम खास माने जाते हैं उनके द्वारा बाटला हाउस के शहीदों अपमान आतंकवादियों को जी और साहब का संबोधन खासा चर्चा में रह चुका है।सबसे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंहने 21 जनवरी 2013 को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज सईद को ‘साहेब’ कहकर संबोधित किया था। सिंह ने कहा था कि हाफिज साहेब आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं और पाकिस्तान की सरकार उनका समर्थन करती है। इससे पहले दिग्विजय ने अल-कायदा के आतंकी ओसामा बिन लादेन को ओसामाजी कहा था।
इसके बाद एक बार फिर दिग्विजय सिंह ने उस समय विवाद खड़ा कर दिया था जब उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत अधिकृत कश्मीर करार दिया था। हालांकि बाद में अपने बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा था कि वह पीओके कहना चाहते थे और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। बता दें कि दिग्विजय सिंह ने बाटला हाउस मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था, तो दूसरी तरफ सलमान खुर्शीद ने यह दावा किया था कि एनकाउंटर में मारे गए लड़कों की तस्वीरें देखकर सोनिया गांधी रो पड़ीं थीं। हालांकि, बाद में अदालत के फैसले के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है। इससे पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी क्लीन चिट देते हुए बाटला हाउस एनकाउंटर को बिल्कुल सही ठहराया था। अदालत के इस फैसले के बाद एनकाउंटर पर दिए गए कांग्रेस नेताओं के बयानों की आज तक कड़ी आलोचना होती रही है।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का एक बयान भी विवादों में रहा। पाकिस्तान दौरे पर कराची गए मणिशंकर ने कहा था कि वह पाकिस्तान को प्यार करते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच के मुद्दों का जिक्र करते हुए अय्यर ने कहा था कि बातचीत ही इन्हें सुलझाने का एकमात्र रास्ता है। गुजरात विघानसभा चुनाव के दौरान अय्यर ने ये बातें कही थी।
कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता रहे और पूर्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने 20 जून 2018 को कहा था 4 आतंकियों को मारने के लिए 20 नागरिकों को मार दिया जाता है। उनकी (भारतीय सेना) कार्रवाई आतंकियों की बजाए नागरिकों पर ज्यादा होती है। उदाहरण के लिए पुलवामा में उन्होंने एक आतंकी के लिए 13 नागरिकों को मार दिया। यूपीए सरकार के दौरान क्सी नागरिक को नहीं मारा गया था। राहुल गांधी की बात करें तो
फरवरी 2016 में जेएनयू में एक कश्मीरी अलगाववादी, 2001 में भारतीय संसद पर हमले के दोषी, मोहम्मद अफजल गुरु को फांसी के खिलाफ एक छात्र रैली में राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोप में देशद्रोह के मामले में फंसे कन्हैया कुमार को राहुल गांधी द्वारा ही धूमधाम से कांग्रेस ज्वाइन कराई गई उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसे 2 मार्च 2016 में अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया है। ऐसे कई और भी उदाहरण हैं जो कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बनते रहे हैं, कहा जा सकता है ना जाने क्यों पाकिस्तान और आतंकवादी, कांग्रेस का पीछा छोड़ने को तैयार नहीं है?