संगठन चिंतन के चलते डॉ. गणफुले ने अपने स्वास्थ्य की चिंता नहीं की- शेजवलकर
डॉक्टर साहब प्रत्येक कार्यकर्ताओं को अपने परिवार का सदस्य के रूप में देखते थे- चौधरी
डॉ. जनार्दन गणफुले की 15वीं पुण्यतिथि पर भाजपा ने आयोजित की श्रद्धांजलि सभा
ग्वालियर / डॉ. जनार्दन गणफुले जी कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तारीकरण के लिए सतत प्रेरित किया करते थे। वे कार्यकर्ताओं से संपर्क रखने में विश्वास करते थे। इसके लिए दूरभाष और पोस्ट कार्ड के माध्यम से कार्यकर्ताओं और उनके परिवार से भी जुड़ाव रखते थे। यह बात बुधवार को सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने जिला कार्यालय मुखर्जी भवन में आयोजित डॉ. जनार्दन गणफुले की 15वीं पुण्यतिथि पर कहीं।
श्री शेजवलकर ने कहा कि वे तामझाम दूर रहते थे तथा वे पर्दे के पीछे रहकर काम किया करते थे। उन्होंने संगठन चिंतन के चलते अपने स्वास्थ्य की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि वे बीमारी के दौरान भी कार्यकर्ताओं से संगठन सशक्तिकरण का चिंतन करते थे।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अभय चौधरी ने कहा कि डॉक्टर साहब की कार्यप्रणाली सरल थी, वे कार्यकर्ताओं से सहज और सरल भाव के साथ मिला करते थे। श्री चौधरी ने कहा कि डॉ. गणफुले जी हमेशा संगठन की चिंतन किया करते थे। डाक्टर साहब छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं से संगठन के बड़े-बड़े कार्य कराने में उनकी विशेष योग्यता थी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर साहब प्रत्येक कार्यकर्ताओं को अपने परिवार का सदस्य के रूप में देखते थे। उनकी कार्यप्रणाली की बदौलत संभाग से अनेक कार्यकर्ता विधायक, सांसद और मंत्री बन कर देश और समाज सेवा में सलंग्न है।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं भिंड जिले के प्रभारी श्री जयप्रकाश राजौरिया ने कहा कि डॉ. जनार्दन गणफुले जी कुशल संगठक थे उन्हें कार्यकर्ताओं को गढ़ना और तराशना भली प्रकार आता था। वे कार्यकर्ताओं को संगठन का पाठ हमेशा पढ़ाया करते थे। श्री राजौरिया ने कहा कि डॉक्टर साहब संगठन की गूढ़ बातें महापुरुषों के प्रेरक और प्रेरणादायी संस्मरण से जोड़कर सहज और सरलता से समझा दिया करते थे।
इस अवसर पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री विवेक जोशी ने कहा कि मा. भाऊराव देवराज जी के सानिध्य में वे संघ के स्वयंसेवक बने। 1948 में शिक्षण पूर्ण करने के बाद उन्होंने भारत माता की सेवा में लगाते हुए वे संघ के प्रचारक निकल गए। 1982 में ग्वालियर चंबल संभाग में संगठन मंत्री के रूप में दायित्व निभाया इसके बाद वे रीवाआ रायपुर में भी संगठन मंत्री रहे। उसके बाद पुन: ग्वालियर में आए। विवेक जोशी ने कहा कि वे संगठन मंत्री के दायित्व को समझते हुए छोटे से लेकर पदाधिकारियों की बातों को बड़ी गंभीरता से सुनते थे। यही उनकी बड़ी विशेषता भी थी।
इस अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ट्रस्ट के सचिव वैद्य कृष्णाचार्य गजेंद्रगड़कर ने भी डॉक्टर साहब से जुड़े अनेक प्रेरक प्रसंग सुनाए।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने डॉ. जनार्दन जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी जवाहर प्रजापति, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रद्युम्न पटेल, कमल मखीजानी, प्रांशु शेजवलकर, जिला उपाध्यक्ष दीपक शर्मा, महेश जायसवाल, सतीश बोहरे, धर्मेंद्र राणा, विनय जैन, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नीलमा शिंदे, डॉ राकेश बाथम, गिरीश इंदापुरकर, पवन गणपुले, प्रमोद खंडेलवाल, मनोज मुटाटकर, संजय पोतनीस, भगवान सिंह कुशवाह, गिर्राज व्यास, अभय पाटिल, स्वतंत्र सक्सेना, ओमप्रकाश जाजोरिया, धर्मेंद्र कुशवाहा, नवीन चौधरी, नंदनी गणपुले, गिरजा गर्ग, प्रिया तोमर, ममता अग्रवाल, सुनीता यदुवंशी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।