भोपाल / आज मध्यप्रदेश में सत्ताधारी दल भाजपा को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब मालवा अंचल के एक बड़े भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। वह दोपहर करीब साढ़े बारह बजे अपने पिता कैलाश जोशी की तस्वीर लेकर प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर पहुंचे। यहां कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पीसीसी परिसर में कैलाश जोशी अमर रहे नारे भी गूंजे। पीसीसी अध्यक्ष कमल नाथ ने सूत की माला पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी की तस्वीर को पहनाई!
कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद दीपक जोशी ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि मैं पिछला चुनाव हार गया, स्वीकार करता हूं। लोग कहते है कमलनाथ जी पूंजीपति हैं, लेकिन वे अभी से नहीं पहले से पूंजीपति हैं। मेरे पिता जी की पूंजी उनका सम्मान था, उनके लिए स्मारक तक नहीं बनाया गया। राहुल भैया अजय सिंह , अरुण यादव के साथ हमारा भले ही मदभेद रहा हो लेकिन वे साथ खड़े रहे। कांग्रेस में आने पर मुझसे पूछा गया क्या सौदेबाजी हुई क्या मांगा है। मैने सिर्फ पिता के सम्मान की बात की। आज तक जोशी जी के नाम पर कोई चीज नहीं बनी। कांग्रेस ने मेरे पिता का सम्मान किया है।
दीपक जोशी ने कहा कि नंद कुमार चौहान मेरे गुरु है। उन्होंने मुझे राजनीति सिखाई। लेकिन अब उन्हीं के बंगले को तोड़कर मुख्यमंत्री अपने लिए भव्य बंगला बनवा रहे है, लेकिन मेरे पिता का स्मारक नहीं बनाया गया। मैंने कांग्रेस की निःस्वार्थ भाव से सदस्यता ली है। मुझे कोई पद प्रतिष्ठा का लोभ नहीं। जोशी बोले मैं कांग्रेस के कार्यकर्ता की सीट पर चुनाव नहीं लडूंगा। मैं शिवराज सिंह चौहान की सीट से चुनाव लडूंगा। आज शिवराज जी ने कहा दीपक मेरा छोटा भाई है लेकिन मैं उन्हें भाई नहीं मानता, कांग्रेसी मेरे साथ हमेशा खड़े रहे है मैं स्कूटर पर घूमने वाला व्यक्ति हूं। सामान्य व्यक्ति हूं। आज शिवराज जी ने कहा दीपक मेरा छोटा भाई है लेकिन मैं उन्हें भाई नहीं मानता। मैं आज कांग्रेस से जुड़ रहा हूं। कमल नाथ जी के सैनिक के रूप में काम करूंगा।