प्रवीण दुबे
ग्वालियर /मध्यप्रदेश की राजनीति के बड़े केंद्र माने जाने वाले ग्वालियर में इस समय दो विधानसभा सीटों को लेकर भाजपा की खासी किरकिरी होती दिखाई दे रही है। पार्टी के शुभचिंतकों कार्यकर्ताओं और नेताओं को समझ नहीं आ रहा कि आखिर वह करें तो क्या करें ? ऐसा इसलिए क्योंकि इन दोनों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी लगातार जनता के बीच जाकर वोट मांगते देखे जा सकते हैं इन दोनों प्रत्याशियों का कांग्रेस की ओर से टिकट लगभग फाइनल माना जा रहा है जबकि भाजपा के भीतर इन दोनों विधानसभा क्षेत्र में खासा घमासान नजर आ रहा है।
हम बात कर रहे हैं ग्वालियर के पूर्व और ग्वालियर दक्षिण विधानसभा सीटों की महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले चुनाव में भाजपा को इन दोनों सीटों से मुंह की खानी पड़ी थी और उसके प्रत्याशी कांग्रेस से हार गए थे।
वर्तमान की बात की जाए तो लश्कर पूर्व से सतीश सिकरवार जो कि महापौर के पति भी है का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है कांग्रेस ने विभिन्न मंचों पर इसके संकेत भी कई बार दे दिए हैं। यही वजह है कि सतीश सिकरवार लश्कर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच जा जाकर लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
वे जनता की समस्याएं सुन रहे हैं और लगातार उनका समाधान भी करा रहे हैं। सड़क बिजली पानी को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सतीश सिकरवार आए दिन जनता के बीच देखे जा रहे हैं। उनको सबसे बड़ा लाभ उनकी महापौर पत्नी शोभा सिकरवार के सहयोग के रूप में भी प्राप्त हो रहा है उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि संपर्क के दौरान बड़ी संख्या में उनकी विधानसभा के लोग उनका स्वागत कर रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में उनके जीत का आशीर्वाद भी देते देखे जा रहे हैं ।
दूसरी ओर यही आलम ग्वालियर की दक्षिण विधानसभा का भी है यहां से कांग्रेस के विधायक प्रवीण पाठक ने पिछले चुनावों में भाजपा को पटखनी दी थी उनका टिकट भी लगभग तय माना जा रहा है।
हालांकि इस विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के कई अन्य दावेदार भी नजर आ रहे हैं लेकिन जिस प्रकार से प्रवीण पाठक जनता के बीच जाकर लगातार संपर्क कर रहे हैं और जनता भी उनके साथ दिखाई दे रही है उसे देखकर लगता है की पार्टी शायद ही उनकी जगह किसी अन्य प्रत्याशी के नाम पर विचार करेगी।
दूसरी ओर इन दोनों विधानसभाओं में भाजपा फिलहाल दूर-दूर तक कहीं नजर नहीं आ रही है ।पूर्व में पार्टी से कौन प्रत्याशी होगा यह अभी किसी को नहीं मालूम जो स्थिति दिखाई दे रही है उसके मुताबिक आधा दर्जन से अधिक नेता यहां से चुनाव के लिए ताल ठोकते नजर आ रहे
ग्वालियर /मध्यप्रदेश की राजनीति के बड़े केंद्र माने जाने वाले ग्वालियर में इस समय दो विधानसभा सीटों को लेकर भाजपा की खासी किरकिरी होती दिखाई दे रही है। पार्टी के शुभचिंतकों कार्यकर्ताओं और नेताओं को समझ नहीं आ रहा कि आखिर वह करें तो क्या करें ? ऐसा इसलिए क्योंकि इन दोनों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी लगातार जनता के बीच जाकर वोट मांगते देखे जा सकते हैं इन दोनों प्रत्याशियों का कांग्रेस की ओर से टिकट लगभग फाइनल माना जा रहा है जबकि भाजपा के भीतर इन दोनों विधानसभा क्षेत्र में खासा घमासान नजर आ रहा है।
हम बात कर रहे हैं ग्वालियर के पूर्व और ग्वालियर दक्षिण विधानसभा सीटों की महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले चुनाव में भाजपा को इन दोनों सीटों से मुंह की खानी पड़ी थी और उसके प्रत्याशी कांग्रेस से हार गए थे वर्तमान की बात की जाए तो लश्कर पूर्व से सतीश सिकरवार जो कि महापौर के पति भी है का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है कांग्रेस ने विभिन्न मंचों पर इसके संकेत भी कई बार दे दिए हैं। यही वजह है कि सतीश सिकरवार लश्कर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच जा जाकर लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। वे जनता की समस्याएं सुन रहे हैं और लगातार उनका समाधान भी करा रहे हैं। सड़क बिजली पानी को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सतीश सिकरवार आए दिन जनता के बीच देखे जा रहे हैं। उनको सबसे बड़ा लाभ उनकी महापौर पत्नी शोभा सिकरवार के सहयोग के रूप में भी प्राप्त हो रहा है उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि संपर्क के दौरान बड़ी संख्या में उनकी विधानसभा के लोग उनका स्वागत कर रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में उनके जीत का आशीर्वाद भी देते देखे जा रहे हैं ।दूसरी ओर यही आलम ग्वालियर की दक्षिण विधानसभा का भी है यहां से कांग्रेस के विधायक प्रवीण पाठक ने पिछले चुनावों में भाजपा को पटखनी दी थी उनका टिकट भी लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि इस विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के कई अन्य दावेदार भी नजर आ रहे हैं
लेकिन जिस प्रकार से प्रवीण पाठक जनता के बीच जाकर लगातार संपर्क कर रहे हैं और जनता भी उनके साथ दिखाई दे रही है उसे देखकर लगता है की पार्टी शायद ही उनकी जगह किसी अन्य प्रत्याशी के नाम पर विचार करेगी।
दूसरी ओर इन दोनों विधानसभाओं में भाजपा फिलहाल दूर-दूर तक कहीं नजर नहीं आ रही है ।पूर्व में पार्टी से कौन प्रत्याशी होगा यह अभी किसी को नहीं मालूम जो स्थिति दिखाई दे रही है उसके मुताबिक आधा दर्जन से अधिक नेता यहां से चुनाव के लिए ताल ठोकते नजर आ रहे हैं
पार्टी के नीति निर्धारक फिलहाल यह तय नहीं कर पा रहे कि लश्कर पूर्व विधानसभा से सतीश जैसे दमदार प्रत्याशी के सामने वह किसको मैदान में उतारें। स्थिति यह है कि इसी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा जय विलास पैलेस जो की राजनीति का एक बड़ा केंद्र भी है वहां से किसी प्रत्याशी के नाम तय होने की चर्चा है तो दूसरी ओर इसी विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के पुत्र रामू का भी टिकट तय होने की चर्चा जनता के बीच देखी जा रही है इसके अलावा कई पुराने भाजपाई टिकट की दौड़ में देखे जा सकते हैं
दक्षिण विधानसभा मैं तो भाजपा की हालत इससे भी ज्यादा बदतर दिखाई देती है यहां से पूर्व मंत्री सांसद रहे भाजपा के कद्दावर नेता अनूप मिश्रा ने तो साफ तौर से धमकी दे दी है पार्टी टिकट दे या ना दे वह तो चुनाव लड़ेंगे दूसरी ओर पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने भी अपने बयानों के माध्यम से साफ तौर पर यह संकेत दे दिए हैं कि वह भी दक्षिण से टिकट के दावेदार हैं।
पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता सांसद विवेक शेजवलकर के पुत्र प्रांशु शेजवलकर भाजपा जिला अध्यक्ष अभय चौधरी और पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के पुत्र राजेश सोलंकी सहित कई अन्य भी टिकट के लिए सक्रिय दिखाई दे रहे हैं ऐसे हालात में पार्टी के सामने असमंजस की स्थिति है कि वह करे तो क्या करें इस आपाधापी में जनता के बीच संपर्क पूरी तरह से ठप है और जो संगठनात्मक गतिविधियां चल भी रही हैं कार्यकर्ताओं की नाराजगी के कारण केवल उसकी खानापूर्ति मात्र कर रहे हैं इस वजह से पार्टी का ग्राफ तेजी से नीचे जाता दिखाई देता है ।
हैं पार्टी के नीति निर्धारक फिलहाल यह तय नहीं कर पा रहे कि लश्कर पूर्व विधानसभा से सतीश जैसे दमदार प्रत्याशी के सामने वह किसको मैदान में उतारें। स्थिति यह है कि इसी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा जय विलास पैलेस जो की राजनीति का एक बड़ा केंद्र भी है वहां से किसी प्रत्याशी के नाम तय होने की चर्चा है तो दूसरी ओर इसी विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के पुत्र रामू का भी टिकट तय होने की चर्चा जनता के बीच देखी जा रही है इसके अलावा कई पुराने भाजपाई टिकट की दौड़ में देखे जा सकते हैं
दक्षिण विधानसभा मैं तो भाजपा की हालत इससे भी ज्यादा बदतर दिखाई देती है यहां से पूर्व मंत्री सांसद रहे भाजपा के कद्दावर नेता अनूप मिश्रा ने तो साफ तौर से धमकी दे दी है पार्टी टिकट दे या ना दे वह तो चुनाव लड़ेंगे दूसरी ओर पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने भी अपने बयानों के माध्यम से साफ तौर पर यह संकेत दे दिए हैं कि वह भी दक्षिण से टिकट के दावेदार हैं पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता सांसद विवेक शेजवलकर के पुत्र प्रांशु शेजवलकर भाजपा जिला अध्यक्ष अभय चौधरी और पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के पुत्र राजेश सोलंकी सहित कई अन्य भी टिकट के लिए सक्रिय दिखाई दे रहे हैं ऐसे हालात में पार्टी के सामने असमंजस की स्थिति है कि वह करे तो क्या करें इस आपाधापी में जनता के बीच संपर्क पूरी तरह से ठप है और जो संगठनात्मक गतिविधियां चल भी रही हैं कार्यकर्ताओं की नाराजगी के कारण केवल उसकी खानापूर्ति मात्र कर रहे हैं इस वजह से पार्टी का ग्राफ तेजी से नीचे जाता दिखाई देता है ।