प्रवीण दुबे
दिल्ली/ग्वालियर/शब्दशक्ति न्यूज द्वारा सबसे पहले तीन दिन पूर्व ही कमल नाथ के भाजपा में शामिल होने को लेकर जो खबर प्रसारित की गई थी अब वह सच साबित हुई है।
शब्दशक्ति न्यूज ने भाजपा से जुड़े अपने सूत्रों के हवाले से कमलनाथ को लेकर उनके ऊपर लगे सिक्ख दंगो के दाग का जिक्र करते हुए
“कमलनाथ के बीजेपी में आने को लेकर फंसा सिक्ख दंगो का बड़ा पेच नकुलनाथ का रास्ता साफ”
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शीर्षक से 17 फरवरी को सबसे पहले प्रकाशित किया था। उस वक्त देश के तमाम मीडिया में कमलनाथ के शाम तक भाजपा में शामिल होने की बात की जा रही थी। शब्दशक्ति न्यूज ने इन खबरों से इतर अपनी न्यूज के माध्यम से खुलासा किया था कि “कमलनाथ का नाम 84 के सिक्ख दंगों में शामिल होने के कारण गतिरोध बना हुआ है। जैसी की जानकारी मिल रही है उसके अनुसार भाजपा शीर्ष नेतृत्व कमलनाथ की भाजपा में आने को लेकर अभी पशोपेश में है लेकिन कमलनाथ के पुत्र छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ को भाजपा में ज्वाइनिंग कराए जाने को लेकर पूरी तरह तैयार है”।
मीडिया में दो दिनों तक चली तमाम खबरों के बाद अंततः शब्दशक्ति न्यूज की खबर सच साबित हुई है और अब कमलनाथ की भाजपा में ज्वाइनिंग को लेकर हो रही देरी के पीछे वही बात सामने आ रही है जो शब्दशक्ति न्यूज ने लिखी थी।
ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर पार्टी में घमासान छिड़ गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि 1984 के सिख दंगों के आरोपी कमलनाथ को पार्टी में लेने से सिख समाज के बीच गलत संदेश जाएगा। इसका दिल्ली और पंजाब सहित अनेक राज्यों में नुकसान हो सकता है। पार्टी के सिख नेताओं का दावा है कि उन्होंने पार्टी के उचित फोरम पर अपनी बात उठा दी है और कमलनाथ को पार्टी में लेने पर अपनी असहमति दर्ज कराई है।
हालांकि इस घटनाक्रम के बावजूद अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है जैसी कि जानकारी मिल रही है पार्टी में इसको लेकर कोई न कोई रास्ता निकालने की कवायद जारी है और सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।