प्रवीण दुबे
सेमीफ़ाइनल के पहले मुक़ाबले में दक्षिण अफ़्रीका ने अफगानिस्तान को हराकर फाइनल में जगह बना ली लेकिन अब करोड़ों भारत वासियों की धड़कने आज शाम 8 बजे गुयाना वेस्टइंडीज के प्रोविडेंस स्टेडियम में होने वाले दूसरे सेमीफाइनल को लेकर बढ़ी हुई हैं । दूसरे सेमीफाइनल में पिछली t 20 कप विजेता इंग्लैंड से भारत भिड़ने वाला है। इंग्लैंड अबतक दो बार इस टी 20 विश्व कप को जीत चुका है और भारत ने अबतक 2007 में इस विश्व कप को जीता था। पिछले टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड की टीम ने ही भारतीय टीम को सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में 10 विकटों की करारी हार दी थी.

मौजूदा टूर्नामेंट की बात करें तो अभी तक भारतीय टीम ख़िताब की प्रबल दावेदार नज़र आ रही है.
इस टूर्नामेंट में भारत अभी तक अजेय रहा है. ग्रुप टीम में केवल पाकिस्तान ही एक ऐसी टीम थी, जिसे भारत के ख़िलाफ़ एक मज़बूत दावेदार माना जा रहा था.
हालांकि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत पहले बैटिंग करते हुए भले ही लड़खड़ाया हो लेकिन शानदार बॉलिंग की बदौलत टीम जीतने में कमयाब रही.
वहीं सुपर-8 मुक़ाबले में भी भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया के तौर पर एक ख़तरनाक टीम थी.
यह वही ऑस्ट्रेलियाई टीम है, जिसने 19 नवंबर 2023 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में लगभग 1.5 लाख दर्शकों को ख़ामोश कराते हुए भारत को हराकर 50 ओवरों के विश्व कप ख़िताब पर कब्ज़ा जमाया था.
लेकिन भारत ने टी-20 विश्व कप में कप्तान रोहित शर्मा की शानदार बैटिंग के दम पर नवंबर की मिली हार का ग़म ज़रूर एक हद तक कम किया. भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की थी।
भले ही इस 50 ओवरों वाले विश्व कप की तरह ही इस टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम का अजेय अभियान जारी है. पर अब भी कुछ ऐसी कमज़ोरियां हैं, जो सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में टीम इंडिया के लिए बड़ी मुश्किल साबित हो सकती हैं.
इस विश्व कप में ओपनिंग भारतीय टीम के लिए अभी तक सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुई है.
ओपनर के तौर पर टीम के दो सबसे अनुभवी खिलाड़ी और बल्लेबाज़ विराट कोहली और रोहित शर्मा अपने कद के हिसाब से ख़ास छाप नहीं छोड़ पाए हैं.
इस पूरे टूर्नामेंट में रोहित शर्मा के बल्ले से केवल दो अर्धशतक ही निकले हैं. रोहित ने आयरलैंड के ख़िलाफ़ भारतीय टीम के पहले मैच में 52 रनों की पारी खेली थी.
हालांकि रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 92 रनों की ताबड़तोड़ पारी से एक हद तक दर्शकों को ख़ुश होने का मौक़ा भले दे दिया है.
लेकिन सबसे बड़ी चुनौती विराट कोहली के मोर्चे पर देखने को मिल रही है. विराट अभी तक इस टूर्नामेंट में लय में नहीं आ पाए हैं.
यहां तक कि उन्होंने केवल बांग्लादेश के ख़िलाफ़ मैच में 30 रनों का आंकड़ा पार किया था. इसके अलावा कोहली इस टूर्नामेंट में दो बार ज़ीरो पर आउट हो चुके हैं.
इन टीमों की लिस्ट देखें तो केवल पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और अभी की स्थिति के लिहाज़ से अफ़ग़ानिस्तान ही ऐसी टीमें हैं, जिनको मज़बूत टीमें कहा जा सकता है. लेकिन स्कोरबोर्ड से साफ़ है कि आयरलैंड, अमेरिका और बांग्लादेश जैसी टीमों के ख़िलाफ़ भी कोहली का बल्ला ख़ामोश ही रहा.
कोहली और रोहित के बीच इस पूरे टूर्नामेंट में अभी तक कोई ढंग की साझेदारी भी नहीं हो पाई है.
भारत की बैटिंग में मसला केवल ओपनिंग का ही नहीं है, बल्कि मध्य क्रम पर भी भारत को ध्यान देने की ज़रूरत है.
हालांकि एक विडंबना यह है कि ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव की एक दो पारियों की वजह से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
लेकिन इस टूर्नामेंट में भारतीय मध्य क्रम को क़रीब से देखें तो ऋषभ पंत ही एक अकेले ऐसे बल्लेबाज़ रहे हैं, जिन्होंने लगभग सभी मैचों में ठीक-ठाक या पारी को गति देने वाली बल्लेबाज़ी की है.
वहीं सूर्यकुमार यादव के बल्ले से दो और हार्दिक पांड्या के बल्ले से अभी तक एक अर्धशतक आया है.
मध्य क्रम में शिवम दुबे, अक्षर पटेल और रविंद्र जडेजा मैच को संभालने वाली पारी खेलने में काफ़ी हद तक नाक़ाम रहे हैं. शिवम दुबे केवल दो ही मैचों में 30 के पार का स्कोर बना पाए हैं.
भले ही जडेजा की छवि एक बॉलर के तौर पर हो, पर टीम में उनकी भूमिका ऑलराउंडर की मानी जाती है. ऐसे में जडेजा से टीम को हमेशा ही ऐसी उम्मीदें रहतीं है कि वे बॉलिंग या फिर बैटिंग किसी भी एक तरीके से मैच में अपना योगदान देंगे.
हालांकि जडेजा अभी तक बॉलिंग और बैटिंग दोनों से ही प्रभाव दिखा पाने में नक़ाम रहे हैं. ठीक जडेजा की तरह ही अक्षर पटेल और शिवम दुबे को भी उनकी ऑलराउंड क्षमता के चलते टीम में जगह दी गई है. लेकिन अभी तक इन दोनों खिलाड़ियों फैंस की उम्मीदों के हिसाब से प्रदर्शन नहीं किया है.
इंग्लैंड और इंडिया के बीच मैच 27 जून को गुयाना के प्रोविडेंस स्टेडियम में खेला जाना है. वर्ल्ड वेदर ऑनलाइन वेबसाइट पर जानकारी के मुताबिक इस दिन हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है.
टीम कॉम्बिनेशन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के अलावा बारिश भी एक कारक हो सकता है. ऐसा कई मैचों में देखा गया है कि बारिश के चलते मैच में आई रुकावट के बाद भारतीय टीम का प्रदर्शन अचानक से ख़राब हो जाता है.
इसकी सबसे बड़ी मिसाल 2019 के विश्व कप सेमीफ़ाइनल मैच में देखने को मिली थी. सेमीफ़ाइनल में भारत का मुक़ाबला न्यूजीलैंड के साथ था.
एक वक्त भारतीय टीम मैच पर अपनी मज़बूत पकड़ भी बना चुकी थी. पहली पारी में भारतीय गेंजबाज़ों ने न्यूजीलैंड की टीम को 239 रनों पर ही समेट दिया था. लेकिन बारिश के चलते खेल को रिज़र्व डे तक बढ़ाना पड़ा.
रिज़र्व डे में भारतीय टीम बैटिंग की बैटिंग कीवी बॉलरों के आगे ताश के पत्तों की तरह ढहती चली गई. उस मैच में पूरी भारतीय टीम 221 रनों पर ही सिमट गई और भारत का विश्व कप जीतने का सपना अधूरा ही रह गया.
भारत के नज़रिये से यह विश्व कप कई मायनों में अहम भी है. ऐसा इसलिए है क्योंकि यह विराट कोहली और रोहित शर्मा का आख़िरी आईसीसी टूर्नामेंट साबित हो सकता है.
ऐसे में इस सेमीफ़ाइनल मैच से पहले भारतीय टीम को अपनी इन कमज़ोरियों से निपटना बेहद ज़रूरी है. इससे ठीक पिछले टी-20 विश्व कप में भी इंग्लैंड की टीम ने ही भारतीय टीम को सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में 10 विकटों की करारी हार दी थी.
ऐसे में कहीं ऐसा ना हो कि आईसीसी ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमाने का ख़्वाब कुछ और साल आगे खिसक जाए.