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तलघरों पर सख्ती के बाद व्यापारियों के बचाव में सामने आया चेंबर लिखा कलेक्टर को पत्र आर्थिक संकट खड़ा होने की बात कही

MPCCI ने कहा तलघरों में व्यवसायिक गतिविधि को विराम देने से पूर्व उसके गुण-दोषों के आधार पर विचार कर, निर्णय लिया जाए 

शहर के बाजारों में स्थित तलघर में विगत 70-75 सालों से संचालित हो रही हैं व्यापारिक गतिविधि
चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने जिलाधीश ग्वालियर को लिखा पत्र
ग्वालियर / ग्वालियर शहर के तलघरों में व्यवसायिक गतिविधि को विराम देने से पूर्व उसकी गुण-दोषों के आधार पर जांच कराने के संबंध में मध्यप्रदेश चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (MPCCI) द्बारा आज जिलाधीश ग्वालियर को पत्र लिखा गया है।
संस्था के अध्यक्ष-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, संयुक्त अध्यक्ष-हेमंत गुप्ता, उपाध्यक्ष-डॉ. राकेश अग्रवाल, मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव-पवन कुमार अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष-संदीपनारायण अग्रवाल ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया है कि दिल्ली में तलघर के अंदर कोचिंग सेंटर में पानी भरने से हुई तीन छात्रों की मौत को देखते हुए प्रदेश में भी तलघर में कोचिंग सेंटर संचालित तो नहीं हो रहे हैं। यदि संचालित हो रहे हैं तो उन्हें वहां से शिफ्ट किए जाने के निर्देश पर ग्वालियर में भी तलघरों में व्यवसायिक गतिविधि को प्रतिबंधित कर, उन्हें बंद कराने का आदेश कलेक्टर महोदय द्बारा प्रसारित किया है, इसकी जानकारी समाचार-पत्रों के माध्यम से मिली है।
पदाधिकारियों ने पत्र में उल्लेख किया है कि ग्वालियर की भौगोलिक स्थिति के अनुसार कई बाजार ऐसे हैं, जहां पर तलघर 70-75 साल से बने हुए हैं। जब से यह बाजार सिंधिया राजवंश द्बारा बसाये गये हैं, तब से यहां व्यवसायिक गतिविधि संचालित हो रही है और यहां पर आज दिनांक तक कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है और न ही वहां जल भराव होता है। वहीं शहर के अंदर बहुत सारे तलघर भवन अनुमति में गोदाम के रूप में हैं और उसके अंदर गोदाम ही संचालित हो रहे हैं। ग्वालियर शहर के अंदर जहां पर भी तलघर में गोदाम संचालित हो रहे हैं वहां पर कोई बड़ी संख्या में उपस्थिति नहीं होती है और न ही आज तक उन भवनों में कोई ऐसा जलभराव हुआ है और न ही कोई अप्रिय घटना घटित हुई है। ऐसी अवस्था में यदि तलघर में चल रही व्यापारिक गतिविधि को विराम दिलाया जाता है तो एक बड़ा आर्थिक संकट व्यापारियों के लिए उत्पन्न होगा। यह संकट न केवल व्यापारियों के लिए अपितु उनके यहां कार्य कर रहे लोगों के लिए भी उनकी रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न करेगा, जिसकी भरपाई कर पाना भविष्य में संभव नहीं होगा।
MPCCI द्बारा पत्र के माध्यम से मांग की है कि इस अभियान में शामिल अधिकारियों को निर्देश दिए जावें कि-
1. जो तलघर विगत 70-75 वर्ष से संचालित हैं और तब से अब तक उनमें वही व्यापार हो रहा है, जो कि पूर्व से होता आ रहा है।
2. जो तलघर गोदाम के रूप में स्वीकृत हैं।
3. जिन तलघरों में व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां एक समय में कितने लोग उपस्थित रहते हैं?
इन बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए उसका निर्णय स्पॉट पर न लेते हुए उसके गुण-दोषों के आधार पर विचार कर, उचित निर्णय लिया जावे।

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