टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा पेरिस में अपने प्रदर्शन को नहीं दोहरा सके और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पाकिस्तान के नदीम ने अपने दूसरे प्रयास में 92.97 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, नीरज चोपड़ा ने दूसरे प्रयास में 89.45 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 88.54 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। नीरज और नदीम ने फाउल के साथ शुरुआत की थी, लेकिन पाकिस्तान के नदीम ने दूसरे प्रयास में ओलंपिक का रिकॉर्ड तोड़ते हुए अपनी दावेदारी मजबूत कर ली। नीरज ने भी दूसरे प्रयास में अपने इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन वह नदीम से आगे नहीं निकल सके।
नीरज सिर्फ एक ही सफल प्रयास कर सके और उन्होंने छह में से पांच फाउल किए, जबकि नदीम ने छठे प्रयास में 91.79 मीटर का थ्रो किया। यह इस मैच में दूसरी बार था जब नदीम ने 90 मीटर से अधिक का थ्रो किया।
नीरज चोपड़ा की जीत के साथ ही हरियाणा के पानीपत के खंडरा गांव में नीरज चोपड़ा के घर पर मौजूद लोग जश्न मनाने लगे.
नीरज चोपड़ा ने तीन साल पहले टोक्यो ओलंपिक में भी जेवलिन थ्रो में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था.
टोक्यो में स्वर्ण पदक लाकर वो अभिनव बिंद्रा के बाद व्यक्तिगत प्रतिस्पर्द्धा में गोल्ड लाने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने थे
पाकिस्तान के अरशद नदीम के नाम रहा मुकाबला
नीरज चोपड़ा का पहला राउंड अच्छा नहीं गया और वो फ़ाउल हुए. पहले राउंड में पाकिस्तान के अरशद नदीम का भी फ़ाउल हुआ.
दूसरे राउंड में अरशद नदीम ने 92.97 मीटर का थ्रो कर सबको चौंका दिया. यह उनके करियर का भी सर्वश्रेष्ठ और ओलंपिक का अबतक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. और यह रिकॉर्ड अबतक का छठा सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.
नीरज चोपड़ा का दूसरे राउंड में थ्रो 89.45 मीटर का रहा. जबकि उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी जूलियन वेबर का थ्रो 87.33 मीटर का रहा.
नदीम ने अंतिम राउंड में 91.79 मीटर का थ्रो किया जो कि इस प्रतिस्पर्द्धा का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था.