Homeत्वरित टिप्पणीत्वरित टिप्पणी :विजयपुर में क्षत्रपों की तकरार बनी बीजेपी के लिए...

त्वरित टिप्पणी :विजयपुर में क्षत्रपों की तकरार बनी बीजेपी के लिए शर्मनाक हार अब सिंधिया निशाने पर

        त्वरित टिप्पणी :प्रवीण दुबे
मुरैना अंचल की विजयपुर विधानसभा से प्रदेश सरकार के वनमंत्री की  उपचुनाव में मिली हार ने कई सारे सवाल खडे कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यह उठ रहा है कि क्या क्षत्रपों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के कारण भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा है? दूसरा सवाल यह है कि क्या  हर स्थिति में दलबदलू नेताओं को गले लगाने की नीति भाजपा के लिए आत्मघाती साबित हो रही  है?  तीसरा सवाल यह है कि भाजपा की  तमाम कल्याणकारी योजनाओं के बावजूद जनता ने  कांग्रेस के प्रति लगाव क्यों प्रदर्शित किया ? एक अन्य सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या बीजेपी आदिवासी और पिछड़े वर्ग के वोटरों को नजदीक लाने में विफल साबित हुई है?
निःसंदेह विजयपुर की हार बेहद चौकाने वाली कही जा सकती है यह इस दृष्टि से भी भाजपा के लिए बड़ी शर्मनाक है कि विजयपुर उस मुरैना अंचल की सीट है जहां से भाजपा अध्यक्ष खुद आते हैं इतना ही नहीं भाजपा के बड़े क्षत्रपों में शामिल विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमऱ का भी यही राजनीतिक गढ़ है।
सभी ने देखा है कि विजयपुर की जीत के लिए कैसे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने के नेतृत्व में कैसे पूरी की पूरी भाजपा ने रात दिन एक कर रखा था।
मुख्यमंत्री ने यहां लगातार चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया था तो दूसरी और प्रदेश अध्यक्ष ने आखरी समय यहीं डेरा डाले रखा और धरना तक देकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे क़ि भाजपा को हर हाल में विजयपुर से जीत चाहिए.।
इतना सब होने के बावजूद यहाँ मिली हार को अब फिलहाल भाजपा पचा नहीं पा रही है।
यही वजह है क़ि जिस वक्त हम यह टिप्पणी लिख रहे हैं भाजपा द्वारा चुनाव आयोग से री काउंटिंग की मांग किए जाने की खबरें आ रही हैं चुनाव आयोग इसे मनता है या नहीं यह बाद में पता चलेगा लेकिन इस चुनाव परिणाम से भाजपा के भीतर अंतर्कलह और अधिक बढ़ने की सम्भावना प्रबल हो गई है।
ऐसा इसलिए क्यों क़ि अब विजयपुर की हार का सीधा ठीकरा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर फोड़ा जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो अब प्रदेश अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर तक के सीधे निशांने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया होंगे।
 ज्योतिरादित्य सिंधिया का पूरे उपचुनाव के दौरान विजयपुर से गायब रहना हार के मुख्य कारणों में गिनाया जाएगा और फिलहाल अंचल में भाजपा कार्यकर्ताओं से लेकर पार्टी से लगाव रखने वाले उसके लाखों समर्थकों के बीच से भी दबी जुबान  सिंधिया को टार्गेट किए जाने की खबरें मिल रही हैं।
लोगों का मांनना है कि पूर्व में सिंधिया के ख़ासमखास रहे रामनिवास रावत द्वारा सिंधिया की जगह अन्य भाजपा नेतृत्व के कहने पर बीजेपी ज्वाइन करने की वजह से सिंधिया और उनके समर्थकों  ने रावत के चुनाव प्रचार का बहिष्कार किया इससे विजयपुर का माहौल बिगड़ता चला गया और रामनिवास को हार का मुंह देखना पड़ा। अब देखना दिलचस्प होगा क़ि भाजपा शीर्ष नेतृत्व इस टकराव को. कैसे टालता है अथवा भाजपा अब कांग्रेस का रास्ता अख्तियार करती है।
विजयपुर विधानसभा उप चुनाव परिणाम 
मुकेश मल्होत्रा (कांग्रेस)    :
कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा 7228 वोटो से जीते
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments