प्रवीण दुबे
नौ दिन चले अढ़ाई कोस ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर कछुआ चाल से चल रहे निर्माण कार्य पर यह कहावत पूरी तरह से चरितार्थ होती है ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह हों या फिर ग्वालियर जिला प्रशासन के आला अधिकारी हर एक दो माह बाद स्टेशन का दौरा करने की औपचारिकता तथा अपने सोशल मीडिया पर दाएं बाएँ हाथ हिलाते एक्शन फोटो प्रकाशित करते दिखाई दे जाते हैं लेकिन स्टेशन का निर्माण कार्य में तेजी आती दिखाई नहीं देती है।
ऐसा ही नजारा आज सुबह एकबार पुनः दिखाई दिया जब पहले से ढिंढोरा पीट कर ग्वालियर सांसद भारत सिंह स्टेशन के निर्माण कार्य का मौका मुआयना करने यहां पहुंचे चूंकि सांसद के यहां पहुंचने की खबर पहले से ही प्रचारित थी अतः कलेक्टर सहित रेलवे के तमाम लोग यहां पहले ही पहुंच चुके थे और साफ सफाई को चाक चौबंद किया गया था।
इसके बाद पूरा वही सीन दोहरा दिया गया जो पूर्व में भी कई बार देखने को मिला हाथ हिला हिलाकर फोटो सेशन तथा मीडिया के सामने बाइट जिसमें वही घिसी पिटी कहानी के साथ निरिक्षण की औपचारिकता का आश्वासन के साथ समापन। जनता को पिछले तीन वर्ष से हो रही परेशानियां कब समाप्त होंगी कोई ठोस जवाब नहीं।
उल्लेखनीय है कि ग्वालियर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा काम 2022 से बहुत धीमी गति से चल रहा है। टेंडर की शर्तों के अनुसार इस कार्य को दिसंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन अभी काम 50 फीसद काम भी नहीं हो सका है।
इसके चलते समय सीमा को बढ़ाकर मई 2025 कर दिया गया था, लेकिन फिर भी एक बार और एक्सटेंशन लेने की जरूरत पड़ गई। हालांकि काम में तेजी लाने के लिए हैदराबाद की कंपनी केपीसी इंफ्रा को कई बार हिदायत दी गई है। उधर स्टेशन पर मौजूद रेलवे कार्यालयों को शिफ्ट करने के लिए प्लेटफार्म क्रमांक एक और चार की तरफ दो बहुतमंजिला इमारतें बनाकर तैयार कर दी हैं, जिनका काम मई के अंत तक पूरा हो जाने की बात भी कही गई थी।
गौरतलब है कि स्टेशन पुनर्विकास का कार्य दिसंबर 2022 में शुरू कराया गया था। टेंडर की शर्तों के अनुसार इच्छुक कंपनी को 24 महीनों में यह प्रोजेक्ट पूरा करना था, लेकिन काम की धीमी गति के कारण यह समय सीमा तीन तीन महीने करके बढ़ाई जाती गई है। इसके बावजूद भी तय समय में काम पूरा होा संभव नजर नहीं आ रहा है। उत्तर मध्य रेलवे के डिप्टी सीइ ने पिछली बार बताया था कि हमारा पूरा प्रयास है कि मार्च 2025 तक बिल्डिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा
वर्तमान में रेलवे का प्रयास था कि मई 2025 तक प्राथमिक तौर पर स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण पूरा हो जाए परन्तु इसमें भी अभी सफलता नहीं मिली है
जानकारी के अनुसार नवनिर्मित स्टेशन पर 21 लिफ्ट और 19 एस्केलेटर लगाए जाने हैं। ये पूरी मशीनरी लगाने के बाद इनका ट्रायल करने में ही काफी समय लगेगा। वहीं सर्कुलेटिंग एरिया में भी सुंदरीकरण से लेकर पार्किंग तक के काम होने हैं। इनमें भी महीनों का समय लग जाएगा।
रेलवे द्वारा स्टेशन पुनर्विकास प्रोजेक्ट में दो नए प्लेटफार्म भी तैयार किए जाने हैं। वर्तमान में स्टेशन पर चार प्लेटफार्म मौजूद हैं। इनकी संख्या बढ़कर छह होनी है। ऐसे में लगभग 800 से 900 मीटर लंबे दो प्लेटफार्म तैयार करने होंगे। इन प्लेटफार्म को स्टेशन एरिया में ही शामिल करने के लिए प्लेटफार्म क्रमांक चार की ओर बने आरक्षण कार्यालय से सर्कुलेटिंग एरिया और नैरोगेज जीआरपी थाने को भी हटाना पड़ेगा। प्लेटफार्म तैयार होने के बाद पटरियां बिछाने का काम भी तकनीकी है, जिसकी टेस्टिंग जरूरी है। ऐसे में इस कार्य के चलते भी एक बार और एक्सटेंशन लेना पड़ेगा