अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और ईरान के बीच 12 दिन से जारी संघर्ष पर विराम का एलान किया। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। उधर ट्रम्प के सीजफायर के ऐलान के बाद से ईरान ने इजराइल पर 6 बार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक मिसाइल बीर्शेबा शहर में एक इमारत पर गिरी। मेडिकल टीम ने बताया कि 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से ज्यादा घायल हैं।
इनमें उन्होंने यह भी बताया कि यह संघर्ष विराम कैसे हुआ और क्यों इसका एलान ट्रंप ने किया। उन्होंने हालिया पोस्ट में लिखा, ‘इस्राइल और ईरान लगभग एक साथ मेरे पास आए और शांति की गुहार लगाई। मुझे पता था कि अब समय आ गया है। दुनिया और पश्चिम एशिया ही असली विजेता हैं। दोनों राष्ट्र अपने भविष्य में जबरदस्त प्रेम, शांति और समृद्धि देखेंगे। उन्हें बहुत कुछ हासिल करना है। फिर भी अगर वे धर्म और सत्य के मार्ग से भटक गए तो उन्हें बहुत कुछ खोना पड़ेगा। इस्राइल और ईरान का भविष्य असीमित है। महान वादों से भरा हुआ है। भगवान आप दोनों पर कृपा बरसाए।’
12 दिवसीय युद्ध’
इससे पहले सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध को ’12 दिवसीय युद्ध’ करार दिया। यह बयान 1967 के पश्चिम एशिया जंग की ओर इशारा करता है और उस भीषण पलों की याद दिलाता है, जिसे कुछ लोग ‘छह दिवसीय युद्ध’ कहकर बुलाते हैं। इसमें इस्राइल ने मिस्र, जॉर्डन और सीरिया सहित अरब देशों के एक समूह से लड़ाई लड़ी थी। ट्रंप का यह संदर्भ अरब जगत खासकर फलस्तीनियों के लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है।
1E967 के युद्ध में इस्राइल ने जॉर्डन से पश्चिमी तट और पूर्वी यरुशलम, मिस्र से गाजा पट्टी और सिनाई प्रायद्वीप और सीरिया से गोलान हाइट्स पर कब्जा कर लिया था। हालांकि, बाद में इस्राइल ने सिनाई को मिस्र को वापस दे दिया, लेकिन यह अभी भी अन्य क्षेत्रों पर कब्जा रखता है, जिससे दशकों तक संघर्ष की स्थिति बनी रहती है, जिसकी गूंज आज भी जारी है।