मेला व्यापारी संघ ने सीएम, सिंधिया और राज्य शासन के मंत्रियों को पत्र लिखकर किया आग्रह, कहा मेला को राजनीति का अखाड़ा बनने से रोकने के लिए यह जरूरी
ग्वालियर /श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ ने केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट एवं एमएसएमई मंत्री चेतन कश्यप को पत्र लिखकर श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला के निर्विघ्न, कुशल एवं व्यापार हितैषी संचालन के लिए तत्काल व्यापारियों की ही कमेटी गठित कर इसी कमेटी के हाथों में मेला संचालन के सभी अधिकार सौंपे जाने का आग्रह किया है। मेला व्यापारी संघ ने कहा कि यह प्रयोग ग्वालियर व्यापार मेला में पूर्व में भी हो चुका है और तब व्यापारियों की इस समिति ने सफलतापूर्वक इस ऐतिहासिक मेला का संचालन किया था जिसे मेला व्यापारी आज भी स्मरण करते हैं।
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, . उमेश उप्पल संयोजकसचिव महेश मुदग़ल, संयुक्त अध्यक्ष एवं प्रवक्ता अनिल पुनियानी । संय अध्यक्षकलली पंडित। कार्य अध्यक्षअनुज गुर्जरसहित सभी पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री श्रीमंत सिंधिया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण को लिखे पत्र में कहा है कि विगत छह वर्षों से ग्वालियर मेला का आयोजन प्राधिकरण बोर्ड के बगैर ही किया जा रहा है। राज्य शासन किन कारणों, विवशताओं या समस्याओं के चलते प्राधिकरण बोर्ड में नियुक्तियां नहीं कर पा रहा है, उसकी गहराई में प्राधिकरण बोर्ड जाना नहीं चाहता लेकिन इतना अवश्य है कि मेला संचालन में व्यापक जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ही मेला प्राधिकरण बोर्ड का गठन किया गया था। मेला प्राधिकरण बोर्ड में स्व. रमेशचंद्र अग्रवाल, स्व. अनुराग बंसल, डॉ. वीरेन्द्र कुमार गंगवाल, राज चड्ढा, अशोक शर्मा, प्रशांत गंगवाल, डॉ. प्रवीण अग्रवाल, अशोक प्रेमी, वेदप्रकाश शिवहरे, पारस जैन जैसे गणमान्यजनों को समय समय पर नेतृत्व सौंपा जाता रहा। इन सभी का कार्यकाल उल्लेखनीय रहा लेकिन स्व. अनुराग बंसल और पारस जैन ने मेला व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण के प्रति जिस तरह का सहयोगात्मक एवं संवेदनशील रूख अपनाया, वह स्मरणीय है।
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, सचिव महेश मुदग़ल, संयुक्त अध्यक्ष एवं प्रवक्ता अनिल पुनियानी सहित सभी पदाधिकारियों ने अपने पत्र में कहा कि विगत कई वर्षों से मेला प्राधिकरण बोर्ड का गठन नहीं होने के कारण प्रशासनिक अधिकारी ही अपनी मनमर्जी से और अपनी सुविधा अनुसार मेला लगा रहे हैं जिसमें विगत कई पीढ़ियों से मेला में दुकानें लगाते आ रहे व्यापारियों के हितों, सुविधाओं और अधिकारों की नितांत उपेक्षा की जाती है और उनके ऊपर तुगलकी फरमान और अव्यावहारिक दिशा निर्देश थोप दिए जाते हैं। नतीजा यह है कि अब ग्वालियर मेला में दुकानें लगाना बेहद मुश्किल हो गया है। नतीजा यह है कि तमाम पुराने दुकानदारों ने अब ग्वालियर मेला में दुकानें लगाना ही छोड़ दिया है। ग्वालियर मेला अब घाटे का सौदा बनता जा रहा है। अफसरशाही ने मेले को राजनीति का अखाड़ा बना दिया है सो अलग।
मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अब यह बहुत जरूरी नहीं रह गया है कि ग्वालियर मेला में प्राधिकरण बोर्ड का गठन किया जाए। यदि राज्य सरकार को प्राधिकरण बोर्ड बनाने में असुविधा है तो ग्वालियर के वरिष्ठ अनुभवी व्यापारी प्रतिनिधियों की समिति गठित कर मेला आयोजन की कमान उसके हाथों में सौंप दी जाए। हमें पूर्ण विश्वास है कि व्यापारियों की यह प्रस्तावित समिति अत्यंत सुचारू, सुविधापूर्ण ढंग से समन्वय के साथ इस सवासौ साल की शानदार विरासत रखने वाले मेला के आयोजन में सफल होगी। हमारा आग्रह है कि ग्वालियर मेला 2025, 26 के आयोजन में अब चंद महीने बाकी हैं, अत: मेला व्यापारियों की यह संचालन समिति अतिशीघ्र गठित कर दी जाये ताकि व्यापारी समिति को जरूरी सुविधा, संसाधन जुटाकर मेला की तैयारी प्रारंभ करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। मेला व्यापारियों की यह समिति मेला की स्थापना करने वाले कै. श्रीमंत माधौराव सिंधिया (प्रथम) एवं ग्वालियर मेला को ट्रेड फेयर का दर्जा दिलाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमंत माधवराव सिंधिया के सपनों एवं संकल्पों को पूर्ण करने में सफल होगी।