एकात्म मानव दर्शन हीरक जयंती समारोह आयोजित
वैद्य कृष्णाचार्य गजेंद्रगडकर, जगदीश तोमर, स्व.मनमोहन बत्रा जी के पुत्र डॉ.एसपी बत्रा, स्व.नारायण कृष्ण शेजवलकर के पुत्र विवेक नारायण शेजवलकर को सम्मानित किया गया
ग्वालियर /एकात्म मानव दर्शन व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सद्भाव और एकता पर जोर देता है। दुनिया में शांति व संतुलन एकात्म मानव दर्शन से ही संभव है।
यह बात वक्ताओं ने सोमवार को राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित एकात्म मानव दर्शन हीरक जयंती समारोह में कही। एकात्म मानव दर्शन एवं विकास प्रतिष्ठान तथा प्रज्ञा प्रवाह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ.महेश चंद्र शर्मा, मुख्य अतिथि मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव थे। सारस्वत अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख रमेश पप्पा, विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्रीद्वय कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल थे। इस अवसर पर एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान मप्र के संयोजक मनोरंजन मिश्र एवं स्वागत समिति अध्यक्ष जय प्रकाश राजौरिया भी मंचासीन रहे।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता श्री शर्मा ने कहा कि जो दूसरे की पीड़ा को अपनी समझे यही एकात्म मानव दर्शन का भाव है। यह दर्शन व्यक्ति, समिष्ट और प्रकृति में एकात्मकता के सामंजस्य पर जोर देता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि एकात्म मानव दर्शन एक सूत्र में पिरोने की बात कहता है। आज विश्व में अशांति का वातावरण है। पं.दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन से ही भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विकास संभव है। मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में एकात्म मानव दर्शन ही समाधान कारक है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने पं.दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यक्ति, समाज, राष्ट्र और विश्व का एकाकार जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से आज विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है। हमारी संस्कृति नर से नारायण बनाती है। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि एकात्म मानव दर्शन दुनिया को दिशा दे सकता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पं.दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा को आत्मसात करने से ही दुनिया में शांति संभव है। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रस्तावना एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के संयोजक मनोरंजन मिश्र ने प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत जयप्रकाश राजौरिया, मनोरंजन मिश्र, संजीव गोयल, दिनेश सिकरवार, डॉ.लोकेश शर्मा, शिवसिंह यादव ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.अंशुल श्रीवास्तव एवं आभार अजय जैन ने व्यक्त किया।
इनका हुआ सम्मान

समारोह में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने ग्वालियर में 11 अगस्त 1964 को दौलतगंज स्थित रामनारायण धर्मशाला में भारतीय जनसंघ के अखिल भारतीय अभ्यास वर्ग में शामिल वैद्य कृष्णाचार्य गजेंद्रगडकर, जगदीश तोमर, स्व.मनमोहन बत्रा जी के पुत्र डॉ.एसपी बत्रा, स्व.नारायण कृष्ण शेजवलकर के पुत्र विवेक नारायण शेजवलकर को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ग में पं.दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानव दर्शन का बीज रोपण किया था।