–वाजपेयी की चार काव्य-कृतियां लोकार्पित
ग्वालियर/ मध्यभारतीय हिन्दी साहित्य सभा के तत्वावधान में सभा के पूर्व अध्यक्ष राज किशोर वाजपेयी ‘अभय’ की चार काव्य-कृतियों का लोकार्पण समारोह रविवार को एक निजी होटल में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेमचंद सृजन पीठ के पूर्व निदेशक जगदीश तोमर ने की। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीधर पराडक़र एवं विशिष्ट अतिथि मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ.विकास दवे थे। इस अवसर पर श्री वाजपेयी एवं दिनेश पाठक भी मंचासीन रहे। अतिथियों ने वरिष्ठ साहित्यकार राज किशोर वाजपेयी ‘अभय’ की चार काव्य कृतियों शब्द-शिखर (गीत-संग्रह), मुक्तक-लोक (मुक्तक-संग्रह), वदंना-लोक (आध्यात्मिक-काव्य), सृजन और प्रतिध्वनियां (हिंदी कविता और मराठी में कवि कुलकर्णी सुरेश प्रभाकर द्वारा भावानुवादित) का लोकार्पण किया। मुख्य अतिथि श्री पराडक़र ने श्री वाजपेयी के साहित्य सृजन को सराहनीय बताते हुए उन्हें निरंतर सृजन करते रहने के लिए शुभकामनाएं दी। विशिष्ट अतिथि डॉ. दवे ने श्री वाजपेयी की साहित्य साधना को अद्भुत एवं उत्कृष्ट बताया। अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री तोमर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज किशोर वाजपेयी के अद्भुत काव्य कृतियों को लोक हितकारी एवं प्रेरणास्पद बताते हुए उनकी 50 वर्षों की साहित्य साधना का सुफल बताया। साथ ही उन्हें आगे भी सृजनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राज किशोर वाजपेयी ‘अभय’ ने अपनी चुनिंदा रचनाएं प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सरस्वती वंदना आस्था त्रिपाठी, स्वागत गीत अर्चना वाजपेयी, परिषद गीत डॉ.करुणा सक्सेना ने प्रस्तुत किया। श्री वाजपेयी के गीतों का सुमधुर गायन गुडग़ांव के गायक नीरज कालगांवकर ने किया। अतिथियों का परिचय वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश पाठक ने दिया। कार्यक्रम का संचालन राम लखन शर्मा एवं आभार दिलीप मिश्रा ने व्यक्त किया।