प्रवीण दुबे
मध्यप्रदेश में बीजेपी के नवनियुक्त अध्यक्ष अब पूरी तरह से रंग में दिखाई दे रहे हैं उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाक़ात की है चूंकि उनके साथ संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी साथ थे अतः इस मुलाक़ात को निगम मंडलों में नियुक्तियों से पूर्व महत्वपूर्ण माना जा रहा है जैसे कि संकेत मिल रहे हैं पार्टी अध्यक्ष जिलों की कार्यकारिणी और निगम मंडलों में नियुक्तियों के काम को एक साथ पूर्ण करने की योजना पर काम कर रहे हैं और इसमें एक व्यक्ति एक पद को दृष्टिगत रखा जाना तय है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर सत्ता और संगठन में एक साथ नियुक्तियां करना और सभी को संतुष्ट करने का काम खंडेलवाल और मोहन यादव शांति से कर पाएंगे ?
भाजपा के भीतर नियुक्तियों को लेकर जिस प्रकार की हलचल देखी जा रही है और पार्टी के भीतर से जो जानकारी मिल रही है उसे देखकर लगता है कि इस दृष्टि से अगस्त माह के बाकी बचे हुए दिन बहुत महत्वपूर्ण हो सकते हैं और नियुक्तियों का दौर कभी भी शुरु हो सकता है।

बता दें कि मध्य प्रदेश में 48 निगम मंडल प्राधिकरण हैं, जिसमें राजनीतिक नियुक्तियां की जाती है, इन आयोग के अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्री का दर्जा दिया जाता है. फिलहाल इन सभी की जिम्मेदारियां चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन के अलावा विभाग के मंत्री या फिर प्रमुख सचिवों के पास हैं. लेकिन जल्द ही इन पदों पर भर्तियां करके बीजेपी प्रदेश में सत्ता संगठन का समन्वयय बनाने पर जोर दे रही है.
पार्टी ने इन निगम मंडलों में नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज कर दी है. भोपाल में बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सीएम मोहन यादव से मुलाकात की है, इस दौरान संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी साथ थे, बताया जा रहा है कि तीनों नेताओं को बीच हुई यह बैठक निगम मंडलों में होने वाली नियुक्तियों से जुड़ी थी, जिसमें यह तय किया गया है, जिन्हें निगम मंडल में जगह मिलेगी उन्हें संगठन में जगह नहीं मिलेगी और संगठन में जगह पाने वाले को निगम मंडल में जगह नहीं दी जाएगी, यानि बीजेपी ज्यादा से ज्यादा नेताओं को समायोजित करने के लिए एक पद एक फॉर्मूला पर ही काम करेगी. जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं, क्योंकि एक तरफ निगम मंडल में नियुक्तियां होनी है तो दूसरी तरफ हेमंत खंडेलवाल भी जल्द नई टीम बनाने वाले हैं, ऐसे में यह बैठक अहम मानी जा रही है.
मध्य प्रदेश में बीजेपी लगातार जातिगत और समाजिक समीकरणों पर जोर दे रही है. ऐसे में जो नेता लंबे समय से संगठन में काम कर रहे हैं, उन्हें अब निगम मंडलों में अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, वहीं कुछ नेताओं को इस बार संगठन में बड़े पद दिए जा सकते हैं. जबकि अलग-अलग वर्ग के युवा नेताओं को इस बार संगठन में जगह देने पर ज्यादा काम चल रहा है. क्योंकि मोहन सरकार के गठन को डेढ़ साल से भी ज्यादा का वक्त हो गया है, लेकिन अब तक निगम मंडल खाली पड़े हैं. सीएम हाउस में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच हुई बैठक में संगठन की लिस्ट पर विचार हो चुका है.तया जा रहा है कि हेमंत खंडेलवाल की नई टीम की लिस्ट 30 अगस्त के पहले-पहले आ सकती है, इस बार जिलों में भी टीमों में बदलाव होगा. भाजपा के प्रदेश के संगठन स्तर पर 63 जिले बना रखे हैं, जिसमें इस बार अलग-अलग पदों पर अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. हेमंत खंडेलवाल लगातार बीजेपी के जिलाध्यक्षों से भी मुलाकात कर रहे हैं और उनसे जिले का फीडबैक ले रहे हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी इस बार संगठन में काम करने वाले नेताओं को ही ज्यादा जिम्मदारियां देगी, हर जिले में 8 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 8 जिला मंत्री, कोषाध्यक्ष और एक कार्यालय मंत्री की नियुक्तियां होना है पार्टी ने इसको लेकर किसी भी विवाद से बचने के लिए रायशुमारी का काम भी किया है कई जिलों में यह पूरा हो चुका है