भोपाल 24 जनवरी 2026/आज मध्यप्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के कथित अपमान मामले का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कांग्रेस का सनातनी रूप देखने को मिला इस मुद्दे को लेकर भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस नेताओं ने पूर्व धर्मस्व मंत्री पीसी शर्मा के नेतृत्व में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उपवास किया।
उपवास कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर धर्म और आस्था के साथ खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि खुद को हिंदुत्व की ठेकेदार बताने वाली भाजपा लगातार धर्म गुरुओं और सनातन परंपराओं का अपमान कर रही है।
आरोप लगाया गया कि काशी में मंदिरों को तोड़ा गया, मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ हुई और आस्था पर सीधा प्रहार किया जा रहा है।उपवास कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पाप करने वालों को मृत्यु उपरांत भी मिलेगी सजा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कड़े शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने यह पाप किया है, उन्हें केवल इस जीवन में ही नहीं, बल्कि मरने के बाद भी इसके दंड से गुजरना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हजारों साल पुरानी सनातन परंपरा में कभी शंकराचार्य से प्रमाण पत्र नहीं मांगा गया, लेकिन आज उनसे प्रमाण मांगने का दुस्साहस किया जा रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोदी योगी जिनकी मार्कशीट पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं, वहां प्रमाण पत्र मांग रहे हैं। जीतू पटवारी ने कहा कि गंगा स्नान से शंकराचार्य को रोकने का प्रयास सनातन परंपरा पर सीधा हमला है।सनातन धर्म की सबसे बड़ी विरासत शंकराचार्य जी है, उन्होंने कहा बटुकों की शिखा को खींच खींचकर अकल्पनीय वेदना देने का काम किया गया है।