शुक्रवार को एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इस सिलसिले में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। इन सबके बीच शिवसेना ने साफ कर दिया है कि वो अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मत देगी।
नई दिल्ली: बुधवार को मानसून सत्र के शुरू होने से पहले ये करीब करीब साफ हो चुका था कि केंद्र सरकार अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर चर्चा के लिये तैयार है। इस संबंध में टीडीपी और कांग्रेस ने इस प्रस्ताव को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के सामने रखा था। लोकसभा स्पीकर ने भी प्रस्ताव को स्वीकार करने के साथ ही 20 जुलाई यानि शनिवार का दिन चर्चा और मतदान के लिए मुकर्रर कर दिया। अध्यक्ष के इस ऐलान के साथ ही सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई कि कौन किसके साथ है। एनडीए की तरफ से शिवसेना की भूमिका पर लोगों को नजरें जुटी थी कि क्या वो सरकार का समर्थन करेंगे या विरोध में जाएंगे। लेकिन शिवसेना के ह्विप जारी करने के बाद साफ हो गया कि अब एनडीए सरकार और मजबूत होकर सदन में अपनी बात रख सकेगी।