Homeप्रमुख खबरेंरेलवे ट्रेक पर मिला जेएएच के पूर्व अधीक्षक व प्रसिद्ध रेडियोलॉजिस्ट...

रेलवे ट्रेक पर मिला जेएएच के पूर्व अधीक्षक व प्रसिद्ध रेडियोलॉजिस्ट डॉ जे.एस. सिकरवार का शव,आत्महत्या की संभावना

ग्वालियर 25 जनवरी 2026/ ग्वालियर के एक प्रसिद्ध रेडियोलॉजिस्ट और जयारोग्य अस्पताल समूह (JAH) के पूर्व अधीक्षक डॉ जे.एस. सिकरवार का मृत शरीर रेलवे ट्रेक पर संदिग्ध अवस्था में पाए जाने के बाद सनसनी फैल गई। उनका शव रेल पटरी पर तीन भागों में कटा हुआ मिला संभावना व्यक्त की जा रही है कि उन्होंने  रेलवे ट्रैक पर लेटकर आत्महत्या कर ली। वे साल 2017 में जेएएच अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी उम्र 72 साल थी और वे पिछले कुछ साल से डिप्रेशन से जूझ रहे थे।

रविवार सुबह करीब 5 बजे वे घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे।रविवार सुबह रेलवे के लाइनमैन ने विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के पीछे नीड़म इलाके में अप ट्रैक पर खंभा नंबर 1221/35 से 1221/41 के बीच शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक का सिर ट्रैक के एक ओर पड़ा था, जबकि बीच में धड़ और दूसरी ओर पैर कटे हुए थे।

मृतक की पहचान जेएएच के पूर्व अधीक्षक जे.एस. सिकरवार के रूप में होने के बाद परिजनों को सूचना दी गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद मर्ग कायम कर लिया है।

रेलवे ट्रैक पर सिर और पैर अलग-अलग कटे पड़े थे

रविवार सुबह रेलवे के जूनियर इंजीनियर अभय कुमार ने सिथौली, ग्वालियर में ट्रैकमैन सुधाकर तिवारी को सूचना दी कि रेलवे की अप लाइन पर खंभा नंबर 1221/35 से 1221/41 के बीच एक युवक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने पर ट्रैकमैन सुधाकर तिवारी मौके पर पहुंचा, जहां मृतक की हालत बेहद खराब थी। सिर और पैर अलग-अलग कटे पड़े थे, जबकि धड़ ट्रेन की चपेट में आकर ट्रैक पर चिथड़े तक उड़ गए थे।

मामले की सूचना विश्वविद्यालय थाना पुलिस को दी गई, क्योंकि जिस रेलवे ट्रैक पर शव मिला, वह नीड़म रेलवे लाइन क्षेत्र में आता है, जो विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र का हिस्सा है। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार जाटव मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

कुछ ही देर में मृतक की पहचान 72 वर्षीय डॉक्टर जे.एस. सिकरवार (रेडियोलॉजिस्ट) के रूप में हुई। वे जयारोग्य अस्पताल समूह के सेवानिवृत्त अधीक्षक रह चुके थे। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने की इच्छा जताई, लेकिन पुलिस ने समझाया कि मामला संदिग्ध होने के कारण जांच आवश्यक है, इसलिए पोस्टमार्टम कराया जाना जरूरी है। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।

जिस अवस्था में शव मिला, आशंका- ट्रैक पर लेट गए थे डॉक्टर

विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह साफ है कि मृतक ने खुदकुशी की है। मृतक का सिर धड़ से अलग मिला है। पैर कटकर अलग गिरे हैं। आशंका है कि वह रेलवे की पटरियों पर सिर रखकर लेट गए होंगे। ट्रेन गुजरी तो उनके तीन टुकड़े हो गए। फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

दिसंबर 2017 में जेएएच के अधीक्षक बने थे जे.एस. सिकरवार

ऐसा पता लगा है कि मृतक जेएएच में बतौर डॉक्टर पदस्थ थे। दिसंबर 2017 में वह जेएएच के अधीक्षक बने थे और इसी पद से 65 वर्ष की उम्र में रिटायर्ड हुए थे। पिछले सालों से वह डिप्रेशन के शिकार थे। उनका इलाज भी चल रहा था। परिवार में पत्नी, बेटा कौस्तुभ सिंह व बेटी कृति सिंह है।

विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार ने बताया-रेलवे ट्रैक पर एक शव मिला था, जिसका सिर अलग था। आशंका है कि व्यक्ति ने रेलवे लाइन पर लेट कर खुदकुशी की है। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद जांच की जा रही है।

 

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments