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हितानंद की भाजपा से संघ में वापसी सुरेन्द्र मिश्रा,मुकेश त्यागी, ब्रजकिशोर भार्गव को अब संघ से अन्य आनुषंगिक संगठनों का दायित्व

भोपाल 31 जनवरी 2026/ मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की संघ में वापसी हुई है उन्हें RSS में बड़ी जिम्मेदारी देते हुए मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक का प्रमुख नियुक्त किया गया है। हितानंद शर्मा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका मुख्यालय जबलपुर होगा।

उनके साथ 3 प्रचारकों की जिम्मेदारी में भी बदलाव हुआ है। सुरेंद्र मिश्रा को पूर्व सैनिक सेवा परिषद की जिम्मेदारी मिली है। वहीं मुकेश त्यागी को ग्राहक पंचायत और ब्रजकिशोर भार्गव क्षेत्र गो सेवा प्रमुख बनाए गए हैं।

4 साल तक संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी 

भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में वापसी ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. यह फैसला सिर्फ एक संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि भाजपा और संघ के बीच चल रहे दीर्घकालिक समन्वय और रणनीतिक तालमेल का संकेत भी माना जा रहा है. मार्च 2022 से प्रदेश संगठन महामंत्री के तौर पर सक्रिय रहे शर्मा ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. अब उन्हें संघ के मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है, जहां उनका मुख्यालय जबलपुर रहेगा.

 

हितानंद शर्मा 4 साल तक भाजपा संगठन महामंत्री थे। वह लंबे समय से विद्या भारती संगठन जुड़े रहे हैं। संघ पृष्ठभूमि के चलते संगठन में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। वह मूल रूप से अशोकनगर के रहने वाले हैं। 2020 में वह भारतीय जनता पार्टी के सह-संगठन मंत्री बने थे। 2022 में उन्हें BJP का प्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, उनके बाद अब  नया संगठन महामंत्री किसे बनाया जाएगा, इसे लेकर अभी निर्णय नहीं हुआ है।

शर्मा के कार्यकाल में भाजपा ने 2023 विधानसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज की और 2024 लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर विजय हासिल की. ऐसे समय में उनकी संघ में वापसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं. कई विश्लेषक इसे संगठन के अगले चरण की तैयारी मान रहे हैं, जहां भाजपा नए नेतृत्व को मौका देकर 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू करना चाहती है

राजनीतिक संदेश और संभावित असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल पद परिवर्तन नहीं बल्कि भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है. प्रदेश में फिलहाल कोई बड़ा चुनाव नहीं है और संगठनात्मक सत्र भी नए चरण में प्रवेश कर रहा है.

  • नए नेतृत्व को अवसर देने की तैयारी.
  • 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीतिक शुरुआत.
  • संगठन में नई ऊर्जा और नई टीम की संभावित एंट्री.

संगठन महामंत्री पद की अहमियत
भाजपा में संगठन महामंत्री का पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यही पद संघ और पार्टी के बीच सेतु का काम करता है. शर्मा के कार्यकाल में प्रदेश कार्यकारिणी गठन से लेकर जिला स्तर के फेरबदल तक कई फैसलों में उनकी भूमिका अहम रही. कुछ नेताओं के बीच असंतोष की संभावना भी जताई जा रही है, क्योंकि संगठनात्मक नियुक्तियों में शर्मा की भूमिका प्रभावशाली रही थी

सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक रणनीति के तहत यह बदलाव किया गया है। हितानंद शर्मा मूल रूप से अशोकनगर (चंबल क्षेत्र) के निवासी हैं। वे लंबे समय से विद्या भारती संगठन से जुड़े रहे हैं। संघ पृष्ठभूमि के चलते संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

हितानंद शर्मा की नई जिम्मेदारी तय होने के बाद नया प्रदेश संगठन महामंत्री को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि, पार्टी और संघ की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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