Homeप्रमुख खबरेंकड़ाके की ठंड और बारिश के बीच जमकर ओलावृष्टि, फसलों को नुकसान

कड़ाके की ठंड और बारिश के बीच जमकर ओलावृष्टि, फसलों को नुकसान

ग्वालियर 3 फरवरी 2026/मध्य प्रदेश के ग्वालियर अंचल के कुछ गांवों में मौसम किसानों की परीक्षा ले रहा है कड़ाके की ठंड के बीच  हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को काफी नुकसान की खबरें आ रही हैं भितरवार विधानसभा क्षेत्र के चीनोर और करहिया एवं अनेक गांवों में ओलावृष्टि हुई तहसील चीनोर के आसपास के गांव कछौआ ,भोरी , ररुआ, चीनोर, आंतरी,करहिया, सिकरौदा सहित एक दर्जन से अधिक गांव में ओले गिरे हैं। इस वजह से नुकसान की खबरें आ रही हैं इसको लेकर सरकारी अमला भी अलर्ट मोड में आ गया है और नुकसान का पता लगाने के प्रारम्भिक निर्देश भी जारी किए हैं। यूं तो पिछले चार पांच दिनों से बादल और हल्की मावठ से किसान प्रसन्न दिखाई दे रहे थे लेकिन आज रात्रि से हुई ओला वृष्टि ने किसानों को मायूष किया है।

अगले 4 दिनों तक किसानों की मुश्किल कम होती नहीं दिखाई दे रही है. मौसम विभाग के मुताबिक अभी ओलावृष्टि की संभावना तो नहीं है, लेकिन 6 फरवरी तक मध्यप्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है.

आफत बनी बारिश और ओलावृष्टि

मौसम विभाग ने 3 फरवरी के लिए 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक 6 फरवरी के बाद ही बारिश से राहत मिलेगी. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से मौसम में अचानक से बदलाव हुआ है. रविवार और सोमवार को निमाड़ क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जबकि ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में आंधी के साथ बरसात हुई . इससे प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान हुआ है.

इन जिलों के लिए जारी की गई चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक “वेस्टर्न डिस्टरबेंस पंजाब और इससे लगे हरियाणा के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसकी वजह से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा 5 फरवरी की रात को नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा. इसकी वजह से प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश की संभावना बन सकती है. हालांकि, अब ओलावृष्टि की संभावना तो नहीं है, लेकिन कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है.”

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