- म्यांमार में जातीय दंगों के बाद हरियाणा खासकर एनसीआर में रोहिंग्या मुसलमानों के प्रवेश की सूचना के बाद प्रदेश सरकार ने अलर्ट घोषित कर दिया है। सभी पुलिस अधीक्षकों को इस बारे में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इंटेलीजेंस ब्यूरो व सीआइडी रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया है।
खुफिया सूचनाओं के मुताबिक करीब चालीस हजार रोहिंग्या मुसलमान अवैध रूप से भारत में घुस आए हैं। इनकी संख्या बढऩे से देश की सुरक्षा को खतरा बढ़ सकता है। हरियाणा का करीब 52 फीसद हिस्सा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दायरे में है। ऐसे में एनसीआर के जिलों को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। खासकर मेवात, पलवल और फरीदाबाद में हजार से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमानों के छिपे होने की सूचनाएं मिल रही हैं। खुफिया तंत्र के मुताबिक अकेले मेवात में ही 400 रोहिंग्या मुसलमान बताए गए हैं।
आइजी ममता सिंह ने बताया कि म्यांमार में उपजे रोहिंग्या संकट के बाद हरियाणा में सुरक्षा को लेकर पुलिस मुस्तैद हो गई है। दिल्ली के आसपास मेवात और फरीदाबाद में रोहिंग्या मुसलमानों की उपस्थिति दर्ज की गई है। इस कारण पुलिस कर्मियों को चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया है। सभी जिलों में नोटिस भेज कर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संभावित स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।
इसलिए मंडराया खतरा
म्यांमार में करीब 11 लाख रोहिंग्या मुसलमान रहते हैं जो राखिन प्रांत में बहुतायत में हैं। यूएनओ की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो हफ्तों में करीब 1.23 लाख रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार से पलायन कर चुके हैं। खुद को अरब और फारसी व्यापारियों का वंशज मानने वाले रोहिंग्या मुसलमान रोहिंग्या भाषा में बात करते हैं जो बांग्लादेश की बांग्ला से काफी मिलती-जुलती है।
वहीं, म्यांमार में बौद्ध बहुसंख्यक हैं। म्यांमार में बहुत से लोग रोहिंग्या को अवैध प्रवासी मानते हैं। म्यांमार की सरकार भी रोहिंग्या को राज्य-विहीन मानती है और उन्हें नागरिकता नहीं देती। पिछले कुछ समय में लाखों रोहिंग्या मुसलमानों ने म्यामांर से भागकर भारत व अन्य मुल्कों में पनाह ली है। दिल्ली के नजदीक होने के कारण हरियाणा इनके लिए मुफीद साबित हो रहा है। ऐसे में देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।