पूरे देश की तरह मध्यप्रदेश में भी डॉ. आंबेडकर जयंती श्रद्धा पूर्वक मनाई जा रही है इंदौर जिले के डॉ. आंबेडकर नगर महू में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पूरी आस्था और उत्साह के साथ मनाई जा रही है रविवार से शुरू हुए आयोजन में लाखों अनुयायी आ रहे हैं। मंगलवार को आंबेडकर जन्मस्थली पर बने भव्य स्मारक में अनुयायियों का सैलाब उमड़ रहा है । इस विशेष अवसर पर आयोजित विशाल समागम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से महू पहुंचे इससे पूर्व उन्होंने भोपाल में भी बाबा साहब को श्रद्धांसुमन अर्पित किए । प्रशासन द्वारा बाबा साहब के अनुयायियों के स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के बोर्ड ऑफिस स्थित बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर चौराहे पर उनकी 136वीं जयंती के अवसर पर प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
. अम्बेडकर का योगदान: आधुनिक भारत के निर्माता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर का आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय है। उन्होंने भारतीय संविधान की रचना कर देश में समानता और न्याय की नींव रखी और सभी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
संविधान की प्रस्तावना का वाचन और नारे
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों के साथ भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और “डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहे” के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने जीवनभर वंचित, पीड़ित और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
सरकार का संकल्प: समरसता और समानता पर कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बाबा साहेब के आदर्शों को ध्यान में रखकर समरसता और समानता के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मंत्र को दोहराया और कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट प्रयास जरूरी हैं।
बाबा साहेब के नाम पर विकास कार्य और योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हमेशा बाबा साहेब का सम्मान किया है। भोपाल में एक उड़ान पुल को उनका नाम दिया गया है। उनकी जन्मभूमि महू में भव्य स्मारक बनाया गया है। इसके अलावा कामधेनु योजना, सागर अभ्यारण्य और आर्थिक कल्याण योजना भी उनके नाम से शुरू की गई हैं। ग्वालियर में भी डॉ. अम्बेडकर धाम बनाया जा रहा है।