नई दिल्ली 17 अप्रैल 2026/लोकसभा में शुक्रवार को संविधान में 131वां संशोधन बिल वोटिंग के बाद गिर गया. यह बिल महिला आरक्षण क़ानून में संशोधन के लिए लाया गया था.
एनडीए बिल के पक्ष में दो तिहाई वोट हासिल करने में नाकाम रहा. बिल के पक्ष में 298 वोट मिले जबकि इसके विरोध में 230 वोट मिले.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बाकी दोनों संशोधन बिलों को आगे नहीं बढ़ाने का फ़ैसला किया गया है.
संसद में महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण देने वाले क़ानून में संशोधन और डीलिमिटेशन से जुड़े बिलों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया और फिर वोटिंग हुई.
सरकार के कानून मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक़, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 गुरुवार (16 अप्रैल 2026) से लागू हो चुका था.
इस
क़ानून में संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फ़ीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है.
लेकिन सरकार के प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) बिल 2026 में कहा गया है कि सीटों में आरक्षण डीलिमिटेशन के आधार पर लागू होगा.
जबकि सरकार के इस कदम का विरोध करने वालों का कहना था कि 33 फ़ीसदी आरक्षण लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर ही देना चाहिए ना कि डीलिमिटेशन के आधार पर बढ़ाई गई सीटों पर
सरकार की क्या है. दलील
लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं ज़िम्मेदारी से कहना चाहता हूँ कि निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी. किसी के साथ अन्याय नहीं होगा.”
“पहले जो परिसीमन हुआ है और जो अनुपात पहले से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा. उसी के अनुसार परिसीमन होगा.”
उन्होंने कहा, “अगर गारंटी चाहिए, तो मैं गारंटी भी देता हूँ.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल के पक्ष में बोलते हुए कहा, “जो इस बिल का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी क़ीमत चुकानी पड़ेगी.”
उन्होंने कहा, “अब देश की बहनों पर भरोसा करें, 33 फ़ीसदी महिलाओं को यहाँ आने दें और उन्हें निर्णय करने दें.”
उन्होंने कहा कि देश की 50 फ़ीसदी आबादी को नीति-निर्माण में शामिल होना चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा, “मुझे सबको साथ लेकर चलना है और मुझे संविधान ने यही सिखाया है.”
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम भ्रम में न रहें कि हम कुछ नारी शक्ति को दे रहे हैं, ये उनका हक़ है. हमने इसे कई दशकों से रोका हुआ है, आज उसका प्रायश्चित कर उस पाप से मुक्ति पाने का अवसर है.”
इससे पहले केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में डीलिमिटेशन बिल पर बहस के दौरान कहा कि इस प्रक्रिया के बाद हर राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ जाएगी