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पीएम मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाने पर माताओं, बहनों से मांगी माफ़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ” कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर टिकी थी. मुझे भी बहुत दुख हुआ. जब नारी हित का प्रस्ताव गिराया गया, तो सपा, कांग्रेस और डीएमके के नेता तालियां बजा रहे थे, मेज थपथपा रहे थे.

नई दिल्ली 18 अप्रैल 2026/प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियन संशोधन विधेयक पास नहीं होने पर दुख जताया है.उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों को कुचल दिया गया है.

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे भरसक प्रयासों के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए. नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया. मै सभी माताओं, बहनों से माफ़ी चाहता हूं.”

उन्होंने विपक्षी नेताओं पर हमला करते हुए कहा, “कुछ लोगों के लिए दल से बड़ा कुछ नहीं होता.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ” कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर टिकी थी. मुझे भी बहुत दुख हुआ. जब नारी हित का प्रस्ताव गिराया गया, तो सपा, कांग्रेस और डीएमके के नेता तालियां बजा रहे थे, मेज थपथपा रहे थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नारी के सम्मान पर सीधी चोट थी.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती. महिला आरक्षण का विरोध कर विपक्ष ने जो पाप किया है, उसकी उन्हें सज़ा जरूर मिलेगी. इन लोगों ने संविधान निर्माताओं का भी अपमान किया है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सदन में नारी शक्ति वंदन संशोधन ऐसा प्रस्ताव था, जिसमें हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ था.”

उन्होंने कहा, ” जब कुछ लोगों के लिए दलहित सबकुछ हो जाता है. दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है. इस बार भी यहीं हुआ. कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”व्यक्तिगत रूप से मुझे उम्मीद थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती को सुधारेगी, अपने पापों का प्रायश्चित करेगी. लेकिन कांग्रेस ने इतिहास रचने और महिलाओं के समर्थन में खड़े होने का अवसर खो दिया.”

उन्होंने कहा, ”देश के अधिकांश क्षेत्रों में कांग्रेस का अस्तित्व ही खो गया है. एक परजीवी की तरह, कांग्रेस क्षेत्रीय दलों का सहारा लेकर अपना अस्तित्व बनाए रखती है. लेकिन कांग्रेस क्षेत्रीय दलों को मजबूत होते देखना भी नहीं चाहती. इसलिए, उसने कई क्षेत्रीय दलों को इस संशोधन का विरोध करने के लिए उकसाकर उनके भविष्य को अंधकार में धकेलने की राजनीतिक साजिश रची.”

उन्होंने कहा कि लटकाना, अटकाना और भटकाना कांग्रेस का वर्क कल्चर रहा है. इसके छल-प्रपंच ने देश का नुक़सान किया है.

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